इटली में हिंसक प्रदर्शन के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

HIGHLIGHTS
- मिलान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पत्थर और कुर्सियां फेंकी गईं।
- हालात संभालने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का सहारा लिया।
- भारतीय दूतावास ने स्थानीय समाचारों के जरिए घटनाक्रम पर नजर रखने की अपील की।
इटली के मिलान शहर में महंगाई के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद भारत ने सोमवार को वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
इटली स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की है।
भारतीय नागरिकों के लिए जारी हुई एडवाइजरी
दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि पिछले सप्ताह इटली के कुछ शहरों में विरोध-प्रदर्शन हुए थे। ऐसे में भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतनी चाहिए और भीड़भाड़ वाले स्थानों के साथ-साथ प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहना चाहिए। दूतावास ने लोगों को ऐसी घटनाओं से जुड़ी जानकारी के लिए स्थानीय समाचारों पर नजर रखने की सलाह भी दी है।
इसके अलावा, रोम स्थित भारतीय दूतावास और मिलान में भारत के महावाणिज्य दूतावास के आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। दूतावास ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
रोम में भारतीय दूतावास: +39 331 614 2085
मिलान में भारत का महावाणिज्य दूतावास: +39 3881647527
मिलान में 5 हजार से अधिक लोग जुटे
यह एडवाइजरी मिलान में 5,000 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने के बाद जारी की गई है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर, कूड़ेदान और कुर्सियां फेंकीं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
इस बीच, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सोमवार को आपातकालीन सुरक्षा बैठक करने वाली हैं।
शनिवार को मेलोनी ने कहा था कि विरोध-प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन शहरों को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उपद्रवियों ने प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अराजकता फैलाने का काम किया है।
अन्य यूरोपीय देशों में भी हिंसा की घटनाएं
फ्रांस, स्पेन और अल्बानिया समेत यूरोप के कई अन्य देशों में भी युवाओं के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। इनमें से ज्यादातर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कुछ जगहों पर दंगे और हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं।
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