रूस को प्रतिबंधों से छूट देने पर घिरे ट्रंप, अपनी ही पार्टी के नेताओं ने उठाए सवाल

HIGHLIGHTS
- ट्रंप ने अपने फैसले को अमेरिका और दुनिया के हित में बताया।
- सीनेट में 86-11 के बहुमत से पारित प्रतिबंध कानून को लेकर सवाल उठे।
- सीनेटर डार्लिन ग्राहम ने रूस पर दबाव बनाए रखने की वकालत की।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस को नए प्रतिबंधों से राहत देने के अपने फैसले को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने अपने कदम का बचाव करते हुए इसे अमेरिका और पूरी दुनिया के हित में बताया है। उनका कहना है कि अभी कई लोगों को इस फैसले का वास्तविक अर्थ समझ नहीं आया है। रूस को प्रतिबंधों से छूट देने के मुद्दे पर विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ-साथ ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं।
ट्रंप ने फैसले को अमेरिका और दुनिया के हित में बताया
ट्रंप ने शनिवार शाम मियामी स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अभी बहुत से लोगों को उनके फैसले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि समय बीतने के साथ लोगों को इसकी वजह समझ आ जाएगी।
ट्रंप ने कहा, "यह बहुत अच्छा फैसला है। यह देश के लिए अच्छा होगा और मुझे लगता है कि दुनिया के लिए भी अच्छा होगा, क्योंकि हम वैश्विक मंच पर हैं।"
उनका यह बयान रूस को नए अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट देने के फैसले पर बढ़ती राजनीतिक आलोचनाओं के बीच आया है।
रिपब्लिकन नेताओं ने भी जताई नाराजगी
रूस को प्रतिबंधों से राहत देने के फैसले पर केवल डेमोक्रेटिक पार्टी ने ही आपत्ति नहीं जताई है, बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की है।
दक्षिण कैरोलिना की रिपब्लिकन सीनेटर डार्लिन ग्राहम ने कहा कि वह रूस पर दबाव बनाए रखने के पक्ष में हैं, ताकि युद्ध समाप्त हो सके और ईंधन की कीमतों में कमी आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूस पर भरोसा नहीं है।
ग्राहम ने यह भी कहा कि रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून का नाम उनके दिवंगत भाई लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया था। लिंडसे ग्राहम ने इस विधेयक को आगे बढ़ाने में काफी मेहनत की थी।
वहीं, रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के फैसले को 'गैरजिम्मेदाराना' करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि सीनेट में 86-11 के भारी बहुमत से पारित कानून को लागू करने की आवश्यकता राष्ट्रपति और उनके सलाहकार क्यों नहीं समझ रहे हैं।
टिलिस ने कहा कि यूक्रेन पर अवैध रूप से हमला करने वाले रूस के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रंप ऊर्जा की कीमतें घटाना चाहते हैं, तो उन्हें ईरान युद्ध के कारण बढ़ी कीमतों पर ध्यान देना चाहिए, न कि पुतिन को राहत देनी चाहिए।
टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने भी फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लिंडसे ग्राहम इस कदम से बेहद निराश होते।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस की अनदेखी का आरोप लगाया
मैसाचुसेट्स की डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने ट्रंप पर कांग्रेस की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का यह फैसला व्लादिमीर पुतिन को अपना आक्रामक युद्ध जारी रखने में मदद कर रहा है।
वॉरेन ने अपने सहयोगी सांसदों से इस फैसले को पलटने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील भी की।
रूस को प्रतिबंधों से छूट देने के लिए ट्रंप ने क्या कदम उठाया?
ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत रूस को नए प्रतिबंध कानून से छूट दी गई। अमेरिकी कांग्रेस ने पिछले महीने रूस और ईरान पर प्रतिबंधों से संबंधित इस कानून को भारी बहुमत से पारित किया था। इसे ग्राहम एक्ट के नाम से भी जाना जाता है।
कार्यकारी आदेश के तहत रूसी तेल और गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों को भी 100 प्रतिशत टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों में भारत और चीन भी शामिल हैं।
आदेश में कहा गया है कि यह छूट तब तक लागू रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री, आवश्यकता के अनुसार वित्त मंत्री और व्यापार प्रतिनिधि से परामर्श करने के बाद, आगे की कार्रवाई को उचित नहीं मानते। इस प्रावधान के अनुसार, छूट की अवधि आगे लिए जाने वाले सरकारी फैसलों पर निर्भर करेगी।
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