केशव प्रसाद मौर्य ने बदायूं में अवैध कब्जों को लेकर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

बदायूं में बुधवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कलक्ट्रेट सभागार में विकास और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायतें किसी भी स्तर की हों, उन्हें गंभीरता से लिया जाए और समयबद्ध व गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस विभाग के खिलाफ शिकायत हो, उसकी जांच उसी विभाग के अधिकारी को न सौंपी जाए।
उपमुख्यमंत्री ने चकमार्ग और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों की बढ़ती शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की शिकायतें सीधे लखनऊ तक जाती हैं, इसलिए अधिकारियों को संवेदनशीलता दिखानी होगी। बैठक में अमृत सरोवरों को सजग और उज्जवल बनाने पर भी जोर दिया गया। कानून-व्यवस्था की समीक्षा में मौर्य ने कहा कि अगर फरियादी न्याय पाने के लिए लखनऊ तक जा रहे हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं है।
बैठक में डीएम अवनीश राय ने उपमुख्यमंत्री को राम दरबार स्मृति चिन्ह भेंट किया। धान खरीद की स्थिति के बारे में पूछने पर मौर्य ने क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि जिले को 37,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला है, जो बरेली मंडल में सबसे कम है। मौर्य ने कहा कि प्रदेश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने किसान सम्मान निधि की प्रगति का भी जायजा लिया।
हर घर नल से जल योजना की समीक्षा
उपमुख्यमंत्री ने ‘हर घर नल से जल’ योजना की प्रगति का निरीक्षण करते हुए कहा कि पेयजल आपूर्ति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक ब्लॉक की 10 ग्राम सभाओं में निरीक्षण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि घरों में नियमित जल आपूर्ति हो रही हो। निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन, जल गुणवत्ता, मोटर संचालन और उपभोक्ताओं की संतुष्टि की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाए।
विद्यालय, बिजली और खाद उपलब्धता पर भी फोकस
मौर्य ने विद्यालयों में यूनिफॉर्म और जूते-मोज़े वितरण की समीक्षा की और कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सिलाई कार्य देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मर बदलने की स्थिति की समीक्षा भी की गई और डीएम को विद्युत विभाग की अलग बैठक कराने के निर्देश दिए गए।
गो आश्रय स्थलों में सुधार
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. समदर्शी सरोज गो आश्रय स्थलों की स्थिति की जानकारी लें। उन्होंने कहा कि सड़क पर एक भी निराश्रित गोवंश दिखाई नहीं देना चाहिए। निर्माणाधीन आश्रयों को जल्द पूरा कर सक्रिय किया जाए और सभी गो आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी लगाया जाए।
महिला सशक्तिकरण और डिजिटल निगरानी
मौर्य ने कहा कि अगले चरण में तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जाएगा और एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप बनाने और ग्राम चौपाल व जनसुविधाओं से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.