दुर्गा पूजा भगदड़: मृतकों के परिवारों से मिले शुभेंदु अधिकारी, पीड़ितों को मुआवजे का ऐलान

HIGHLIGHTS
- भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुख्यमंत्री ने मुलाकात की।
- घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा पहले की गई थी।
- घटना की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा गया।
पूर्वी बर्धमान। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्वी बर्धमान में कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में जान गंवाने वाली महिला और उसके बेटे के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि सौंपी और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।
मुख्यमंत्री ने तोगोर बेज (37) और संदीप बेज (14) के परिजनों से बातचीत की। पूर्वी बर्धमान जिले के माधवदीघी स्थित उनके आवास पर परिवार से मुलाकात के दौरान उन्होंने संवेदना व्यक्त की।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मेरे पास आपको सांत्वना देने के लिए शब्द नहीं हैं, और न ही मेरे पास उन्हें वापस लाने की शक्ति है जो हमें छोड़कर चले गए हैं। मैं आपका दर्द महसूस कर सकता हूं। मैं आपको 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दे रहा हूं।"
मुख्यमंत्री हुगली जिले के आरामबाग में पियाली प्रमाणिक के घर भी जाने वाले हैं। उनकी भी कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में मौत हुई थी। पियाली प्रमाणिक, तोगोर की रिश्तेदार थीं।
कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की जान चली गई थी। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की थी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया था कि वह 13 पीड़ित परिवारों से बात कर चुके हैं और सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी उपलब्ध कराने और घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की थी।
ममता सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने पूर्ववर्ती के विपरीत वह पीड़ित परिवारों की सहायता को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने कहा कि पहले के मामलों में पीड़ित परिवारों को जांच के आदेश के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ता था।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी सरकार की ओर से 25 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने के बारे में पहले कभी सुना गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मुख्य सचिव ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर चोरबागान दुर्गा पूजा भगदड़ की जांच के लिए मौजूदा न्यायाधीश नियुक्त करने का अनुरोध किया है।
स्वास्थ्य विभाग ने क्या आदेश दिया?
भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के पांच प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में डॉक्टरों की तैनाती का फैसला किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
विभाग ने डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और सभी प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इसके साथ ही छुट्टी पर चल रहे आईएएस अधिकारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया गया है।
आदेश के अनुसार, 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक शाम पांच बजे से सुबह छह बजे के बीच इन पांचों पंडालों में मेडिकल ऑफिसर और असिस्टेंट प्रोफेसर रैंक के डॉक्टरों की टीमें तैनात रहेंगी।
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