वीबी-जी राम जी योजना पर कांग्रेस का हमला, केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

HIGHLIGHTS
- कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी फर्जी हाजिरी के आरोप लगाए।
- तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को सालाना 150 दिनों तक काम देने के निर्देश दिए।
- अतिरिक्त रोजगार में महिला मुखिया वाले परिवारों और अकेली रहने वाली महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी।
कांग्रेस ने वीबी-जी राम जी (पहले मनरेगा) योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मंगलवार को पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की ओर से मनरेगा की जगह लाई गई नई व्यवस्था ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा कवच पर सर्जिकल स्ट्राइक के समान है। कांग्रेस ने कहा कि 'वोट चोरी सरकार' अब 'ग्रामीण मजदूरी चोरी' में भी माहिर हो गई है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सूखे से प्रभावित महाराष्ट्र में वीबी-जी राम जी योजना के तहत कागजों पर हजारों लोगों को काम करते हुए दिखाया गया। हालांकि, बीड जिले के पांच अलग-अलग स्थानों पर जांच के दौरान एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला।
वीबी-जी राम जी योजना पर कांग्रेस ने क्या कहा?
जयराम रमेश ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बीड और अन्य जिलों में पिछले एक दशक का सबसे गंभीर सूखा पड़ा है। ऐसे मुश्किल हालात में मनरेगा लोगों को रोजगार की सुरक्षा देने का माध्यम था। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा की जगह वीबी-जी राम जी योजना लागू करना ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा कवच पर सर्जिकल स्ट्राइक करने जैसा है।
एक रिपोर्टर की विस्तृत जमीनी जांच का उल्लेख करते हुए रमेश ने कहा कि कई ग्रामीणों को दस्तावेजों में काम करते हुए दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में उन्हें कई महीनों से काम नहीं मिला था। उनके मुताबिक, स्थानीय नेता, जो कथित तौर पर सत्ताधारी दल से जुड़े हैं, मजदूरों की मजदूरी अपने पास रख रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश और भाजपा शासित दूसरे राज्यों से भी फर्जी हाजिरी और 'क्लोन ऐप' घोटाले से जुड़े मामले सामने आए हैं। उन्होंने इसे महज भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि मजदूरों की कमाई की सुनियोजित चोरी बताया। रमेश ने आरोप लगाया कि 'वोट चोरी सरकार' अब ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी चुराने में भी माहिर हो गई है।
पिछले सप्ताह भी कांग्रेस ने इस योजना को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। पार्टी का आरोप था कि वीबी-जी राम जी योजना तकनीक के माध्यम से लोगों को योजनाओं से बाहर करने, सत्ता का केंद्रीकरण करने और ग्राम पंचायतों को कमजोर करने की गारंटी देती है। कांग्रेस ने योजना में हाजिरी के कथित फर्जीवाड़े को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा था।
तमिलनाडु सरकार ने 25 दिन के अतिरिक्त रोजगार की घोषणा की
इस बीच तमिलनाडु सरकार ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत 125 दिनों का काम पूरा करने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों को राज्य के कोष से 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार और वेतन देने का ऐलान किया है।
एक आदेश के मुताबिक, 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005' के निरस्त होने के बाद केंद्र सरकार ने देशभर में 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी वीबी-जी राम जी योजना शुरू की। इसे 1 जुलाई, 2026 से पूरे तमिलनाडु में लागू किया गया था। इसके तहत पात्र परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई थी।
इस पहल की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को हर साल 150 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त रोजगार में किन्हें मिलेगी प्राथमिकता?
तमिलनाडु सरकार की ओर से घोषित अतिरिक्त 25 दिनों के रोजगार में कुछ विशेष श्रेणियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें महिला मुखिया वाले परिवार, अकेले रहने वाली महिलाएं, दिव्यांग व्यक्ति वाले परिवार, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोग शामिल हैं।
इसके अलावा, 'अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006' के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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