कोलकाता-हावड़ा नगर निगम चुनाव: भाजपा अकेले उतरेगी मैदान में, एनसीपीआई से गठबंधन पर सस्पेंस

HIGHLIGHTS
- भाजपा को टिकट के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के आवेदन मिले हैं।
- कोलकाता नगर निगम की सभी 209 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की बात कही गई है।
- आवेदन जमा करने की अंतिम समय-सीमा 26 अक्टूबर शाम पांच बजे तय की गई है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेता राहुल सिन्हा ने शनिवार को कहा कि भाजपा दोनों शहरों में स्थानीय निकाय चुनाव अपने दम पर लड़ेगी और नगर निगम स्तर पर किसी अन्य दल के साथ उसका गठबंधन नहीं है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने एनसीपीआई के साथ संभावित चुनावी तालमेल की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया। वहीं, राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने दावा किया कि इन चुनावों में भी भाजपा को विधानसभा चुनावों की तरह एकतरफा जीत मिल सकती है। इन बयानों के बाद दोनों नगर निगमों में गठबंधन और उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
क्या कोलकाता और हावड़ा में अकेले चुनाव लड़ेगी भाजपा?
भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल दलों के साथ पार्टी का लोकसभा और राज्यसभा स्तर पर चुनावी तालमेल है, लेकिन नगर निगम चुनावों के लिए ऐसा कोई गठबंधन नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब एनसीपीआई के नेताओं की ओर से स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन की मांग की जा रही है।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि भाजपा कोलकाता नगर निगम की सभी 209 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। एनसीपीआई के साथ तालमेल की संभावना पर उन्होंने कहा कि कुछ भी असंभव नहीं है, लेकिन अभी तक गठबंधन को लेकर कोई जानकारी नहीं है। एनसीपीआई एक छोटा राजनीतिक संगठन है, जो तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के अलग होकर भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को समर्थन देने के बाद चर्चा में आया था।
उम्मीदवारों के चयन में किन बातों पर रहेगा जोर?
राहुल सिन्हा के मुताबिक, भाजपा ने कोलकाता और हावड़ा में चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। टिकट के लिए बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने आवेदन किए हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का चयन उनकी जीतने की संभावना और सार्वजनिक छवि को ध्यान में रखकर किया जाएगा। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले या अपने क्षेत्र में खराब छवि रखने वाले लोगों को टिकट देने पर विचार नहीं किया जाएगा।
सुकांत मजूमदार ने बताया कि कोलकाता और हावड़ा से चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग 26 अक्टूबर को शाम पांच बजे तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन उत्तर कोलकाता के मुरलीधर सेन लेन स्थित पार्टी कार्यालय में रखे ड्रॉप बॉक्स में डाले जा सकते हैं। भाजपा की योजना चुनाव की घोषणा होने के तीन दिन के भीतर उम्मीदवारों की सूची जारी करने की है।
कोलकाता और हावड़ा के विकास पर भाजपा ने क्या कहा?
राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने हावड़ा की लंबे समय तक उपेक्षा की। उनके अनुसार, शहर की सड़कें खराब हैं और जल निकासी तथा सीवरेज की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र से सहायता मिलने के बावजूद कोलकाता अपनी शहरी विकास क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाया।
सिन्हा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए बाली की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया, क्योंकि हावड़ा नगर निगम में उसे शामिल करने से चुनावी नुकसान हो सकता था। भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी दोनों शहरों में शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने का वादा कर रही है। उन्होंने कोलकाता को देश के प्रमुख महानगरों में शामिल करने और हावड़ा को अधिक विकसित तथा रहने योग्य शहर बनाने की बात कही।
दिलीप घोष ने चुनावी नतीजों और विपक्ष पर क्या दावा किया?
राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने दावा किया कि कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों के नतीजे इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों की तरह एकतरफा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा भारी बहुमत से जीत सकती है। उनके मुताबिक, नगर निगम चुनाव नवंबर के अंतिम सप्ताह या दिसंबर के पहले सप्ताह में हो सकते हैं।
घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर लूटपाट का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता उसे दोबारा मौका नहीं देना चाहती। उन्होंने वाम मोर्चे पर भी निशाना साधा और कहा कि बंगाल की राजनीति में उसकी प्रासंगिकता घट गई है। दुर्गा पूजा के दौरान वाम मोर्चे के पुस्तक स्टॉलों में तोड़फोड़ की घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अब उसकी किताबें पढ़ने वाले कम हैं।
घोष ने 2021 के विधानसभा चुनावों में वाम मोर्चे को एक भी सीट नहीं मिलने का जिक्र करते हुए उसकी राजनीतिक वापसी की संभावनाओं को कम बताया।
एनसीपीआई, वाम मोर्चे और अन्य मुद्दों पर क्या बोले नेता?
दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर राजग को समर्थन देने वाले 20 सांसदों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इन सांसदों को खुद नहीं पता कि वे किस राजनीतिक दिशा में जा रहे हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की विचारधारा पर भी सवाल उठाए। घोष के मुताबिक, बंगाल की जनता साफ-सुथरी राजनीति चाहती है और भाजपा ऐसा विकल्प दे सकती है।
वहीं, सुकांत मजूमदार ने कहा कि भाजपा कोलकाता और हावड़ा के विकास में योगदान देने के इच्छुक प्रतिष्ठित लोगों को भी चुनाव लड़ने के लिए आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बारे में पूछे जाने पर दिलीप घोष ने कहा कि राज्य सरकार मामले की जांच कर रही है और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी निगरानी कर रही हैं।
चुनाव से पहले भाजपा की तैयारियों से क्या संकेत मिले?
भाजपा नेताओं के बयानों से पता चलता है कि पार्टी कोलकाता और हावड़ा में उम्मीदवारों के चयन, शहरी विकास और चुनावी तैयारियों पर ध्यान दे रही है। राहुल सिन्हा ने नगर निगम स्तर पर गठबंधन से इनकार किया है, जबकि सुकांत मजूमदार ने एनसीपीआई के साथ संभावित तालमेल का विकल्प खुला रखा है। वहीं, दिलीप घोष ने चुनाव में बड़ी जीत का दावा किया है। हालांकि, चुनावी नतीजे मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेंगे।
राहुल सिन्हा ने यह भी कहा कि भाजपा चाहती है कि दोनों शहरों में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों और हिंसा या धमकी की घटनाएं न हों। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने के निर्देश दिए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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