लखनऊ विश्वविद्यालय में जर्जर बारादरी विवाद: छात्रों का विरोध जारी, एबीवीपी ने भी किया प्रदर्शन

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में स्थित जर्जर लाल बारादरी के दरवाजे बंद करने के प्रशासनिक निर्णय के विरोध में समाजवादी छात्र सभा और एनएसयूआई के छात्रों का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। छात्र नारेबाजी करते हुए बारादरी खोलने की मांग कर रहे हैं।
उधर, एबीवीपी के कार्यकर्ता भी विरोध में शामिल हुए और “जय शिवाजी, जय भवानी” जैसे नारे लगाते रहे। विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन करते हुए एबीवीपी ने कहा कि विश्वविद्यालय पढ़ाई और शोध का स्थान है, जबकि विरोधी छात्र एक पुराने भवन को मस्जिद बताकर उसमें नमाज अदा करने पर जोर दे रहे हैं। इस वजह से परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
प्रशासन का कदम
विश्वविद्यालय ने जर्जर लाल बारादरी को क्षतिग्रस्त और असुरक्षित घोषित करते हुए इसमें प्रवेश और किसी भी गतिविधि पर रोक लगा दी है। कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा की ओर से चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।
छात्रों की मांग
विरोध कर रहे छात्र नेताओं ने यह सवाल उठाया कि जर्जर बारादरी के संरक्षण के लिए सरकार की ओर से दी गई राशि का उपयोग अब तक कैसे हुआ। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन, पुरातत्व विशेषज्ञ और छात्र प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति बनाने की मांग की है, ताकि भवन की स्थिति और उपयोग को लेकर पारदर्शी निर्णय लिया जा सके।
धरना और नारेबाजी
रविवार देर शाम तक एनएसयूआई के प्रिंस प्रकाश, अहमद रजा, विशाल कुमार और समाजवादी छात्र सभा के प्रेम प्रकाश, तौकील गाजी, नवनीत यादव ने धरने पर बैठकर विरोध जारी रखा।
स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण है और विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
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