लखनऊ में गृहकर व्यवस्था में बड़ा बदलाव, मकानों को मिलेगा यूनिक आईडी नंबर

लखनऊ समेत प्रदेश के सभी नगर निगमों में जल्द ही गृहकर वसूली और प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी। मौजूदा प्रणाली को हटाकर अब प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम (PTMS) लागू किया जाएगा, जिसे स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यह नया सिस्टम वित्तीय लेन-देन के लिए प्रयुक्त पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) जैसा होगा।
नए सिस्टम के तहत हर मकान, दुकान और ऑफिस का गृहकर डेटा शासन के पास उपलब्ध रहेगा। कितनी मांग है, कितनी वसूली हुई और किस संपत्ति पर कितना बकाया है, यह सभी जानकारी एक क्लिक में प्राप्त की जा सकेगी। इसके लिए शासन ने PTMS पोर्टल विकसित किया है, जो सभी स्मार्ट सिटी कमांड कंट्रोल सिस्टम से जुड़ा रहेगा।
सभी घरों को मिलेगा यूनिक आईडी नंबर
नए सिस्टम में हर घर को 16 अंकों का यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा। मकानों पर नंबर प्लेट भी लगाई जाएगी, जिसमें एक चिप होगी और उस घर का पूरा डेटा सिस्टम में फीड होगा। नंबर को सिस्टम पर डालते ही संबंधित संपत्ति का पूरा विवरण उपलब्ध होगा। करीब चार साल पहले हुए गृहकर GIS सर्वे में यह प्रावधान शामिल था, जो अब पूरी तरह लागू किया जा रहा है।
गूगल मैप पर घर देख सकेंगे मालिक
PTMS में यह सुविधा भी होगी कि गृहकरदाता अपने मकान या दुकान की जानकारी ऑनलाइन गूगल मैप के माध्यम से देख सकेंगे। गृहकर के दायरे में आने वाली सभी संपत्तियों का विवरण भी गूगल मैप पर अपलोड किया जाएगा।
पुराना सॉफ्टवेयर बंद होगा
जानकारों का कहना है कि नया सिस्टम लागू होते ही नगर निगम को वर्तमान में उपयोग हो रहे NIC सॉफ्टवेयर को बंद करना होगा। पुराने सिस्टम के सभी रिकार्ड नए PTMS पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि यह व्यवस्था सभी के लिए सुविधाजनक होगी और उन लोगों की भी पहचान होगी, जो अभी तक गृहकर जमा नहीं कर रहे हैं।
नए PTMS के लागू होने के बाद स्मार्ट सिटी से मकानों और दुकानों की पूरी जानकारी कभी भी हासिल की जा सकेगी, जिससे प्रशासन की कार्यक्षमता में सुधार आएगा।
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