दिल्ली सरकार के बड़े फैसले, झुग्गीवासियों और गिग वर्कर्स को मिलेगा लाभ

दिल्ली सरकार ने झुग्गीवासियों के पुनर्वास, श्रमिकों और गिग वर्कर्स की सुविधाओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की 35वीं बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में रेस्टिंग सेंटर, अटल कैंटीन के विस्तार और सावदा-घेवरा में 717 परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
दिल्ली सचिवालय में हुई इस बैठक में सरकार ने गिग वर्कर्स और श्रमिकों के लिए विशेष रेस्टिंग सेंटर विकसित करने पर जोर दिया, जिन्हें अटल कैंटीन से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य श्रमिकों को एक ही स्थान पर सस्ता, पौष्टिक भोजन और आराम की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही कई स्थानों पर स्वच्छता के लिए यूरिनल सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। ये सुझाव स्वयं गिग वर्कर्स द्वारा मुख्यमंत्री से हुई बैठक में दिए गए थे। मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं को तय समयसीमा में लागू करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में डूसिब के सीईओ की वित्तीय स्वीकृति सीमा को 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं शेल्टर होम का संचालन कर रही एजेंसियों का कार्यकाल 31 मई तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
अटल कैंटीन व्यवस्था होगी और मजबूत
सरकार ने वर्तमान में चल रही करीब 100 अटल कैंटीन और वितरण केंद्रों को अधिक व्यवस्थित करने का निर्णय लिया है। यहां भोजन सेवा समय भी निर्धारित किया गया है—लंच सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक और डिनर शाम 6 बजे से रात 9:30 बजे तक उपलब्ध रहेगा। साथ ही एजेंसियों को अतिरिक्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे तथा फेस रिकग्निशन डेटा को एक महीने तक सीमित रखने का नियम लागू किया जाएगा।
झुग्गीवासियों के लिए पुनर्वास योजना
सावदा-घेवरा क्षेत्र में 717 झुग्गी परिवारों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट आवंटित किए जाएंगे। इनमें 528 पात्र और 189 अपात्र श्रेणी के परिवार शामिल हैं। इन लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से प्रति परिवार 1.12 लाख रुपये की सहायता मिलेगी, जबकि 30 हजार रुपये रखरखाव के रूप में जमा करने होंगे। इसके अलावा इंदिरा कैंप, जी-पॉइंट, न्यू संजय कैंप और राजीव कैंप से जुड़े 221 लोगों को भी फ्लैट दिए जाएंगे।
सरकार ने सुल्तानपुरी में 1060 फ्लैटों की मरम्मत कराने का निर्णय लिया है, जबकि द्वारका सेक्टर-16बी में स्थित हजारों फ्लैटों को रहने योग्य बनाया जाएगा। वहीं भलस्वा क्षेत्र में करीब 7400 फ्लैटों के लिए सड़क, सीवर, पार्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
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