टाइगर श्रॉफ हमले में बड़ा खुलासा, सूरत रेलवे स्टेशन पर भागते दिखे आरोपी

HIGHLIGHTS
- संदिग्ध रात करीब 1:31 बजे सूरत रेलवे स्टेशन के एग्जिट गेट से अंदर आते दिखाई दिए।
- पुलिस के अनुसार, आरोपी महाराष्ट्र नंबर की टैक्सी से सूरत पहुंचे थे।
- वारदात के बाद आरोपियों ने अंधेरी वेस्ट स्टेशन के पास बाइक छोड़ दी और लोकल ट्रेन से बोरीवली की ओर गए।
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे सामने आए हैं। इसी बीच सूरत रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं। इनमें हमले के आरोपी प्लेटफॉर्म पर दौड़ते और चलती ट्रेन के जनरल कोच में चढ़ते नजर आ रहे हैं।
पुलिस जांच के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी नेपाल भागने की योजना बना रहे थे।
सीसीटीवी फुटेज में नजर आए संदिग्ध
सूरत रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, संदिग्ध रात करीब 1:31 बजे स्टेशन के एग्जिट गेट से अंदर आते दिखाई दिए। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी महाराष्ट्र नंबर की एक टैक्सी से सड़क मार्ग के जरिए सूरत पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने ट्रेन पकड़ी।
यह घटना रविवार रात मुंबई के जुहू इलाके में एक फुटबॉल क्लब के बाहर हुई थी। हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर कई गोलियां चलाई थीं। सीसीटीवी और वायरल वीडियो में एक हमलावर दोनों हाथों से बंदूक पकड़कर कार पर फायरिंग करता दिखाई देता है। वहीं, टोपी पहने दूसरा व्यक्ति बगल से गोली चलाता नजर आता है। वारदात के बाद तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे।
कोटा में पकड़े गए आरोपी
हमले के बाद आरोपियों ने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दी थी। इसके बाद वे बोरीवली की ओर जाने वाली लोकल ट्रेन में सवार हुए और फिर टैक्सी से सूरत पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, हमले में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनका ड्राइवर और एक ऑटो-रिक्शा चालक घायल हो गए। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों को 50,000 रुपये एडवांस के रूप में दिए गए थे।
राजस्थान के कोटा में पुलिस और एजीटीएफ (AGTF) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पुणे-जयपुर एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, वे ट्रेन के जरिए दिल्ली पहुंचने और वहां से नेपाल भागने की योजना बना रहे थे।
नेपाल भागने की थी तैयारी
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी आपस में बातचीत करने और अपनी लोकेशन साझा करने के लिए सिग्नल और टेलीग्राम जैसे ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। हालांकि, पुलिस को अब भी उस हथियार की तलाश है, जिसका इस्तेमाल फायरिंग के दौरान किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित ने हमले का कॉन्ट्रैक्ट दिया था।
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