डोडा हादसे में शहीद सिपाही मोहित चौहान को राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

झज्जर। जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए सिपाही मोहित चौहान का शनिवार को उनके पैतृक गांव गिजाड़ोध में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
सेना की टुकड़ी, जिसका नेतृत्व कैप्टन सौरभ कुमार ने किया, ने गगनभेदी गन-फायर के साथ मोहित को अंतिम सलामी दी। उनके छोटे भाई जितेंद्र ने मुखाग्नि देकर शहीद का अंतिम संस्कार संपन्न किया।
जैसे ही सेना का ट्रक पार्थिव शरीर लेकर झज्जर पहुंचा, पूरा शहर 'भारत माता की जय' और 'बलिदानी मोहित अमर रहे' के नारों से गूंज उठा। युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकालकर शहीद को सलामी दी। गांव पहुंचने पर सेना के अधिकारियों ने तिरंगा मोहित के पिता सतपाल चौहान को सौंपा, जिसे देख सभी की आंखें नम हो गईं। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ भी परिवार को सांत्वना देने वहां पहुंचे।
मोहित का विवाह केवल एक साल पहले हुआ था। उनकी पत्नी अंजलि, जो ढाई महीने की गर्भवती हैं, पति की शहादत की खबर से गहरे सदमे में हैं। अंतिम विदाई के दौरान वे कई बार बेसुध हो गईं। मोहित परिवार के पहले सदस्य थे जिन्होंने कठिन परिश्रम के बाद सेना में भर्ती होकर देश की सेवा की।
गौरतलब है कि 22 जनवरी को डोडा में सेना का वाहन बर्फबारी के कारण असंतुलित होकर 400 फीट गहरी खाई में गिर गया था। इस दर्दनाक हादसे में मोहित चौहान समेत 10 जवान शहीद हुए थे। हरियाणा के इस वीर सपूत की शहादत पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और देश के कई बड़े नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
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