मुजफ्फरनगर: मीरापुर में लापता व्यक्ति की हत्या का खुलासा, गंगनहर से मिला शव

मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर थाना क्षेत्र के पुट्ठी इब्राहीमपुर गांव से तीन दिन पहले लापता हुए 50 वर्षीय सुरेश की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने जांच के दौरान गंग नहर से उनका शव बरामद किया है। इस मामले में सेना के एक जवान सहित तीन लोगों के खिलाफ अपहरण और हत्या का केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, सुरेश 16 अप्रैल की शाम घर से मीरापुर जाने की बात कहकर निकले थे, जिसके बाद वह लापता हो गए। अगले दिन उनकी पत्नी सुनीता ने इस संबंध में मीरापुर और रामराज थानों में सूचना दी। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक वाहन उन्हें बैठाकर रामराज की ओर जाते हुए दिखाई दिया।

जांच में वाहन की पहचान मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के सैफपुर फिरोजपुर गांव निवासी सैनिक विकल की गाड़ी के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि विकल वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में तैनात है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर सुरेश का शव बहसूमा क्षेत्र की गंग नहर से बरामद किया।
मृतक की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने विकल, उसके साथी कार्तिक और आदेश के खिलाफ अपहरण, हत्या और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है।
पूछताछ में सामने आई जानकारी
पुलिस पूछताछ में आरोपी विकल ने बताया कि वह छुट्टी पर घर आया हुआ था। घटना वाले दिन वह अपने साथियों कार्तिक और आदेश के साथ लौट रहा था। रास्ते में एक ईंट भट्ठे के पास सुरेश दिखाई दिए, जिन्हें कार्तिक की पहचान के चलते गाड़ी में बैठा लिया गया।
इसके बाद सभी लोग शराब पीते हुए आगे बढ़ते रहे। इसी दौरान गाड़ी में मौजूद सुरेश और कार्तिक के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद कथित रूप से गला दबाकर सुरेश की हत्या कर दी गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को गंग नहर में फेंक दिया।
मृतक की पारिवारिक स्थिति
सुरेश सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा और तीन बेटियां हैं, जिनमें से तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। उनका बेटा मयंक इस वर्ष कक्षा 10 का छात्र है।
सड़क पर प्रदर्शन और जाम
पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली-पौड़ी मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रही।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया।
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