मुजफ्फरनगर: अब कक्षा पांच तक के बच्चों को मोबाइल पर होमवर्क नहीं मिलेगा

मुजफ्फरनगर: अब कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों को मोबाइल फोन पर होमवर्क या असाइनमेंट नहीं दिया जाएगा। यह आदेश सभी सरकारी, एडेड और निजी स्कूलों पर लागू होगा।
यह कदम गाजियाबाद में हाल ही में हुई तीन सगी बहनों की आत्महत्या के बाद उठाया गया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने बच्चों के अत्यधिक मोबाइल उपयोग को रोकने संबंधी पत्र जारी किया था। इस पर अमल करते हुए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं।
बच्चों पर मोबाइल के दुष्प्रभाव
एडीएम (प्रशासन) संजय कुमार सिंह ने कहा कि छोटे बच्चे मोबाइल फोन के प्रति मानसिक और भावनात्मक रूप से अत्यधिक निर्भर हो रहे हैं। लगातार गेमिंग, सोशल मीडिया और अन्य गतिविधियों से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंध और सामाजिक संतुलन पर नकारात्मक असर पड़ता है।
संजय कुमार सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि पांच फरवरी को गाजियाबाद में हुई घटना इसी का भयावह परिणाम थी, जब तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
नियम और निगरानी
अब सभी स्कूलों में कक्षा पांचवीं तक के बच्चों को मोबाइल पर शैक्षणिक कार्य करने से रोकने का आदेश दिया गया है। विशेष परिस्थितियों में ही मोबाइल का प्रयोग अनुमति के तहत किया जा सकेगा और इसकी निगरानी स्कूलों द्वारा की जाएगी। सभी शैक्षणिक कार्य अब विद्यालय परिसर में ही सम्पन्न कराए जाएंगे, ताकि बच्चे डिजिटल स्क्रीन से दूर रहें।
बच्चों ने स्वयं उठाया कदम
इसी दिशा में उदाहरण पेश करते हुए, प्रेमपुरी कालोनी के श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल के बच्चों ने 19 फरवरी को मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली। रैली में बच्चे स्लोगन वाले पोस्टर लेकर प्रमुख चौकों और बाजारों में पहुंचे और अभिभावकों व अन्य बच्चों को संदेश दिया कि “मोबाइल फोन छोड़ो, किताबों से नाता जोड़ो।” इस पहल की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की।
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