मुजफ्फरनगर में व्यापारियों संग पुलिस की सुरक्षा गोष्ठी, साइबर ठगी से बचने की दी जानकारी

HIGHLIGHTS
- व्यापारियों की सुरक्षा समस्याओं पर अधिकारियों ने ली जानकारी
- प्रतिष्ठानों में बेहतर CCTV और प्रकाश व्यवस्था की सलाह
- फर्जी APK और KYC फ्रॉड को लेकर किया गया अलर्ट
मुजफ्फरनगर में व्यापारियों की सुरक्षा और बढ़ते साइबर अपराध को लेकर पुलिस ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ सुरक्षा गोष्ठी आयोजित की। रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करने के साथ ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्क किया।
व्यापारियों की समस्याओं के तुरंत समाधान के निर्देश
गोष्ठी के दौरान एसपी क्राइम ने व्यापारियों से उनके प्रतिष्ठानों और कारोबार से जुड़ी सुरक्षा समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित और विधिक तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस अभियानों की जानकारी देकर व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
बैठक में सीएफओ अनुराग कुमार, साइबर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह, नगर क्षेत्र के थाना प्रभारी और उपनिरीक्षक, यातायात विभाग, पीडब्ल्यूडी और विद्युत विभाग के अधिकारी तथा व्यापार मंडल के पदाधिकारी मौजूद रहे।
CCTV और प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने की सलाह
पुलिस ने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी दिशा सही रखने की अपील की। इसके अलावा रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रखने, जरूरत के अनुसार सामूहिक रूप से सुरक्षा गार्ड या चौकीदार की व्यवस्था करने और नगदी के परिवहन से पहले स्थानीय पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर व्यापारी तुरंत पुलिस को सूचना दें, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।
APK और KYC के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान
गोष्ठी में साइबर अपराध से बचाव पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों को फर्जी APK फाइल, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी निवेश और बोनस स्कीम, बैंक या पुलिस अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी, संदिग्ध लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों की जानकारी दी।
व्यापारियों से कहा गया कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध APK फाइल को मोबाइल में इंस्टॉल न करें। साथ ही OTP, PIN, CVV, UPI PIN या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की गई।
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
एसपी क्राइम ने व्यापारियों से कहा कि अगर किसी तरह की साइबर ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए भी शिकायत की जा सकती है। पुलिस के अनुसार, समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।
कर्मचारियों और परिवार को भी जागरूक करने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों से खुद जागरूक रहने के साथ अपने कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों को भी साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने की अपील की। बैठक में पुलिस और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और सुरक्षा से संबंधित सूचनाएं तत्काल साझा करने पर भी जोर दिया गया।
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