मिलने के बहाने बुलाया, फिर दो दोस्तों संग की हत्या... वाराणसी में MSc छात्रा हत्याकांड का खुलासा

HIGHLIGHTS
- बच्छांव स्थित किराये के मकान में मिला शव
- पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की
- आरोपी पर दो दोस्तों के साथ वारदात करने का आरोप
वाराणसी। जगतपुर पीजी कॉलेज की एमएससी छात्रा श्रेया उपाध्याय उर्फ मोनू (22) की हत्या आरोपी विवेक चौबे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर की थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई है। राजातालाब थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद रविवार देर रात तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार, विवेक ने साजिश के तहत 18 अगस्त को कॉलेज जाते समय श्रेया को मिलने के लिए बुलाया था। भरोसे में लेकर वह उसे बच्छांव स्थित किराये के मकान में ले गया, जहां उसके दो दोस्त पहले से मौजूद थे। तीनों ने मिलकर श्रेया की हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान दो दोस्तों ने श्रेया को पकड़ रखा था, जबकि विवेक ने धारदार चाकू से उसका गला रेत दिया। हत्या के बाद तीनों वहां से निकल गए। विवेक सीधे अपने मामा के घर पहुंचा और वहां बाइक व बैग छोड़कर फरार हो गया। बैग में कमरे की चाबी भी थी।
घटना के बाद ननिहाल भागा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी अपने ननिहाल चला गया। श्रेया के गले पर धारदार हथियार से वार किया गया था और सिर पर भी चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई थी।
मौके पर पहुंची डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान समेत अन्य अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई थीं।
परिजनों के मुताबिक, श्रेया अपने घर की इकलौती बेटी थी। उसकी शादी तय हो चुकी थी। 22 नवंबर को उसकी रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को शादी होनी थी। परिवार में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं, इसी बीच उसकी हत्या कर दी गई।
सुबह मकान मालिक से हुई पूछताछ
19 अगस्त की सुबह परिजन दोबारा बच्छांव पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। मकान मालिक विवेक द्विवेदी से जानकारी लेने पर पता चला कि विवेक चौबे नाम का युवक पिछले दो महीने से कमरा किराये पर लेकर रह रहा था। मकान मालिक ने उसका आधार कार्ड भी परिजनों को भेजा।
इसके बाद परिजनों का शक विवेक चौबे पर और गहरा गया। मृतका के पिता के अनुसार, उन्होंने कमरे को खुलवाने की काफी कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद परिवार विवेक चौबे के ननिहाल भुवालपुर, सीखड़, मिर्जापुर पहुंचा। वहां लोगों ने बताया कि विवेक 18 अगस्त की शाम वहां आया था।
वह अपना बैग और मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर चला गया था। बैग की तलाशी लेने पर उसमें कमरे की चाबी मिली। इसके बाद परिजन चाबी लेकर बृहस्पतिवार सुबह करीब 10:30 बजे बच्छांव स्थित मकान पर पहुंचे। वहां रह रहे दो-तीन लोगों को साथ लेकर कमरे का दरवाजा खोला गया। अंदर बाथरूम में श्रेया का शव खून से लथपथ पड़ा मिला।
पुलिस लोकेशन पर पहुंची, लेकिन दरवाजा नहीं खुलवाया
श्रेया के चचेरे भाई अंशुमान के अनुसार, श्रेया के घर वापस नहीं लौटने पर परिवार राजातालाब थाने पहुंचा और इसके बाद दक्खिनी पुलिस चौकी में सूचना दी गई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छात्रा के मोबाइल की लोकेशन खंगालनी शुरू की।
परिजनों के मुताबिक, मोबाइल की लोकेशन बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित एक मकान में मिली। रात करीब 11 बजे परिवार पुलिस के साथ वहां पहुंचा। उस समय छात्रा का मोबाइल चालू था और उसकी लोकेशन उसी मकान से मिल रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि श्रेया कमरे के अंदर होगी।
मृतका के पिता सुनील उपाध्याय का आरोप है कि पुलिस ने कुछ देर जांच-पड़ताल करने के बाद वहां से लौटना उचित समझा, लेकिन कमरे का दरवाजा नहीं खुलवाया। परिजनों का यह भी आरोप है कि स्थानीय पुलिस को तत्काल इस आशंका की जानकारी देने के बावजूद कमरे की तलाशी नहीं कराई गई।
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