पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, कई जहाज रास्ते में: सर्वदलीय बैठक में सरकार ने भरोसा दिलाया

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने बुधवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया और सरकार की तैयारी और उपायों की जानकारी दी।
बैठक की शुरुआत राजनाथ सिंह के बयान से हुई, इसके बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेजेंटेशन पेश किया। इसमें स्पष्ट किया गया कि भारत के राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह भी बताया गया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर स्थिति
सरकार ने बताया कि वर्तमान में चार भारतीय शिप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित बाहर आ चुके हैं और कुछ अन्य शिप जल्द ही निकलेंगे। बैठक में यह भी साझा किया गया कि कई अन्य देशों की शिप वहां फंसी हुई हैं। पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में साफ किया कि भारत युद्ध नहीं चाहता।
पैनिक की कोई जरूरत नहीं
केंद्र ने सर्वदलीय बैठक में सभी पक्षों को आश्वस्त किया कि पैनिक की कोई आवश्यकता नहीं है। एलपीजी और पेट्रोलियम की अग्रिम बुकिंग पहले ही कर ली गई है और पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध है। सरकार ने कहा कि कच्चा तेल नियमित रूप से आ रहा है और आवश्यकतानुसार अग्रिम ऑर्डर भी दे दिए गए हैं।
बैठक में ये नेता हुए शामिल
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा शामिल रहे। इसके अलावा जेडीयू से लल्लन सिंह और संजय झा, समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव और जावेद अली, कांग्रेस से तारिक अनवर और मुकुल वासनिक, सीपीआईएम से जॉन ब्रिटास और आम आदमी पार्टी से संजय सिंह भी बैठक में उपस्थित रहे।
विपक्ष ने की थी सर्वदलीय बैठक की मांग
विपक्ष ने यह बैठक पीएम मोदी के पश्चिम एशिया पर संसद में दिए गए भाषण के बाद मांग की थी। राज्यसभा में पीएम ने बताया कि संकट के कारण सात नए अधिकार संपन्न समूह बनाए गए हैं, जो एलपीजी, आवश्यक सेवाओं और अन्य आपूर्ति से जुड़े मामलों का नियमित मूल्यांकन करेंगे।
एलपीजी और घरेलू गैस की स्थिति
सरकार ने पुष्टि की कि दो एलपीजी जहाज वेस्ट कोस्ट पर कल और परसों पहुंचेंगे, जिनमें 92 हजार टन गैस लोड है। घरेलू एलपीजी की प्राथमिकता बनी हुई है और दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ रोजाना बैठक आयोजित की जा रही है।
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