नोएडा इंजीनियर मौत मामला: सीएम योगी के निर्देश पर 3 सदस्यीय एसआईटी गठित

नोएडा में लापरवाही के चलते सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। यह टीम मेरठ मंडल के आयुक्त की अगुवाई में काम करेगी, जिसमें मेरठ जोन के एडीजी और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को भी शामिल किया गया है। एसआईटी को पांच दिनों के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मुकदमा युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता की तहरीर पर नॉलेज पार्क थाने में दर्ज किया गया है। इसके अलावा, लापरवाही के आरोप में संबंधित जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है।
घटना 16 जनवरी की रात लगभग 12 बजे की बताई जा रही है। गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत युवराज मेहता ड्यूटी के बाद अपनी कार से सेक्टर-150 स्थित टाटा सोसाइटी की ओर जा रहे थे। बताया गया है कि हाईवे से सोसाइटी को जोड़ने वाली सड़क पर न तो बैरिकेड लगाए गए थे और न ही कोई चेतावनी संकेत मौजूद था। इसी कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गहरे और जलभराव वाले नाले में जा गिरी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं और अब एसआईटी जांच के जरिए जिम्मेदारों की भूमिका तय की जाएगी।
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