कर्नाटक बजट से पहले विपक्ष ने सिद्धारमैया पर साधा निशाना

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर बजट को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है और आम जनता पर नए करों का बोझ बढ़ सकता है।
अशोक ने यह भी कहा कि इस साल का बजट कोई नई पेशकश नहीं लेकर आएगा। उनके अनुसार, बजट में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना और पांच गारंटी योजनाओं—‘शक्ति’, ‘गृह लक्ष्मी’, ‘गृह ज्योति’, ‘युवा निधि’ और ‘अन्न भाग्य’—का बार-बार उल्लेख होगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 6 मार्च को 2026-27 का राज्य बजट पेश करेंगे, जो उनके कार्यकाल का 17वां बजट होगा।
अशोक ने आरोप लगाया कि जबकि केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने करों में राहत दी, सिद्धारमैया लगातार नए करों के जरिए लोगों पर बोझ डालते हैं। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने अब तक 36 नए कर लागू किए हैं और हर महीने लगभग चार नए कर लागू करने की योजना रखते हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि ये गारंटी योजनाएं जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ डाले बिना लागू की जाएंगी। अशोक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल के अंत तक राज्य का कर्ज लगभग छह लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन पहले ही तोड़ चुकी है और सिर्फ हालात संभालने की कोशिश कर रही है।
विपक्षी नेता ने जोर देकर कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जिससे नए राजस्व स्रोत बनें, जनता पर बोझ न पड़े और राज्य को कर्ज के जाल से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा, “राज्य को कर्ज में डालकर कोई भी सरकार चला सकती है, लेकिन जिम्मेदारी से बजट तैयार करना केवल एक सक्षम और कुशल वित्त मंत्री ही कर सकता है।”
अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि सिद्धारमैया हर मुद्दे के लिए पिछली भाजपा सरकार को दोष देते हैं। उन्होंने पिछले मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई का उदाहरण देते हुए कहा कि बोम्मई ने बिना अधिक कर्ज लिए संतुलित बजट पेश किया था, ताकि जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसके विपरीत, सिद्धारमैया हर साल करोड़ों रुपये का कर्ज बढ़ा रहे हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.