सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद, जामताड़ा में युवक के घर पर भीड़ का हमला; पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त

HIGHLIGHTS
- जामताड़ा में सोशल मीडिया पोस्ट पर बवाल, युवक के घर और पुलिस वाहन में तोड़फोड़
- सोशल मीडिया टिप्पणी से जामताड़ा में तनाव, युवक के घर पर हमला; पुलिस बल तैनात
- जामताड़ा में पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ा, घर और पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त
जामताड़ा। करमाटांड़ थाना क्षेत्र के कुरुवा हटिया में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद शनिवार शाम सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी के बाद नावाडीह पंचायत के थानारडीह गांव तक पहुंच गया। बड़ी संख्या में युवक कथित टिप्पणी करने वाले भूदेव मंडल के घर पहुंच गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, भीड़ ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और सामान को नुकसान पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद करमाटांड़ थाना प्रभारी अलखनाथ चौबे, सी विकास तिवारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी और जवान मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त किए जाने की बात सामने आई है।
भगवान के खिलाफ टिप्पणी का मामला
बताया जा रहा है कि कुरुवा हटिया में भगवान के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में अफरोज आलम की गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की गई थी। इसी पोस्ट पर भूदेव मंडल की ओर से की गई कथित टिप्पणी को लेकर दूसरे पक्ष में नाराजगी फैल गई।
इसके बाद बड़ी संख्या में लोग थानारडीह पहुंचे और भूदेव मंडल के घर के पास जमा हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़ ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की और सामान को नुकसान पहुंचाया।
कुछ लोगों ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस स्तर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के पहुंचने पर स्थिति हुई तनावपूर्ण
घटना की सूचना मिलने के बाद करमाटांड़ थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे। पुलिस बल की संख्या कम होने के कारण कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
इसी दौरान पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त किए जाने की बात सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वसीम रजा भी मौके पर पहुंचे।
वीडियो बनाने पर भी आपत्ति
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटनास्थल पर मौजूद लोगों को मोबाइल से वीडियो बनाने से भी रोका गया। जिला परिषद उपाध्यक्ष के प्रतिनिधि महेंद्र मंडल और जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र मंडल द्वारा घटनाक्रम की तस्वीर या वीडियो बनाए जाने पर भी आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई है।
स्थानीय मुखिया गुल मोहम्मद भी मौके पर पहुंचे। तनावपूर्ण माहौल के कारण स्थिति सामान्य करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
युवकों के नशे में होने का आरोप
घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने भीड़ में शामिल युवकों पर नशे की हालत में होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दुमका और चितरा से अतिरिक्त बल बुलाया गया
स्थिति को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार और करमाटांड़ अंचल अधिकारी चोनाराम हेंब्रम भी मौके पर पहुंचे। एसडीपीओ वसीम रजा ने बताया कि श्रावणी मेला के कारण बड़ी संख्या में पुलिस बल देवघर में तैनात है।
अतिरिक्त पुलिस बल के लिए दुमका और चितरा से जवानों को बुलाया गया है। अतिरिक्त बल पहुंचने के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
मंदिर से जुड़े आरोपों की भी जांच
घटना के दौरान धार्मिक स्थल से जुड़े कुछ आरोप भी सामने आए हैं। स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में आपत्तिजनक गतिविधि किए जाने और मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की भी पुलिस स्तर से अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
घटना के बाद नावाडीह और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक या भड़काऊ टिप्पणी करने से बचने की अपील की है।
पुलिस का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के सामने फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखना और सोशल मीडिया के जरिए विवाद को और बढ़ने से रोकना प्रमुख चुनौती है।
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