संसद से मिलती है अंतिम व्यक्ति की आवाज को मंच देने की प्रेरणा: सीएम योगी

लखनऊ स्थित विधान भवन में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संसद और विधानसभाएं लोकतंत्र का वह मंच हैं, जहां समाज के सबसे कमजोर वर्ग की बात भी पूरी मजबूती के साथ रखी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई विधानसभा संसद के नियमों और कार्यप्रणाली को समझ ले, तो सदन संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आती।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में अध्यक्ष से विमर्श के बाद संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप नियमों में आवश्यक सुधार किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक जनप्रतिनिधि चर्चा में भाग ले सकें। हाल ही में विधानसभा में विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश और आत्मनिर्भर भारत–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ, जिसमें 300 से अधिक विधायक शामिल हुए।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के दोनों सदनों में कार्यवाही सुचारु रूप से चल रही है और डिजिटल माध्यमों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। विधानसभा और विधान परिषद में पेपरलेस व्यवस्था को बड़े स्तर पर अपनाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा लगातार राष्ट्रीय महत्व के समसामयिक मुद्दों पर चर्चा करती है। 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर दोनों सदनों में मौलिक अधिकारों को लेकर विशेष चर्चा की गई, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूती मिली।
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