बरेली में सामूहिक नमाज के विरोध में पलायन की धमकी, घरों पर लिखा 'मकान बिकाऊ है'

बरेली के बिशारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव में एक घर में सामूहिक नमाज पढ़ने को लेकर विवाद पैदा हो गया। विवाद के बाद कुछ लोगों ने अपने घरों पर “मकान बिकाऊ है” लिख दिया और सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए। इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम आंवला, विदुषी सिंह और सीओ नितिन कुमार फोर्स के साथ गांव पहुंचे।
अधिकारियों ने दोनों समुदायों के लोगों से बातचीत की और पाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया और अफवाहों में बहककर यह कदम उठा रहे थे। पुलिस ने सभी पक्षों को थाने बुलाकर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाया। फिलहाल गांव में शांति बहाल है और पुलिस ने एहतियात के तौर पर तैनाती की है।
क्या था मामला:
बिशारतगंज थानाध्यक्ष सतीश कुमार के मुताबिक, 16 जनवरी को गांव में एक घर में सामूहिक नमाज पढ़ी गई थी। इसके बाद तनाव बढ़ा और दोनों पक्षों के 12 लोगों के खिलाफ शांतिभंग का मामला दर्ज किया गया। विवाद के दौरान कुछ लोगों ने दावा किया कि कोर्ट ने उन्हें सामूहिक नमाज पढ़ने की अनुमति दी है।
रविवार को सोशल मीडिया पर विवादित तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की नई परंपरा या तनाव को गांव में बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
एसडीएम विदुषी सिंह ने कहा कि गांव में किसी के पलायन की कोई स्थिति नहीं है और मकान बिकाऊ लिखने की घटना अफवाह और बहकावे में की गई थी। मामले को गंभीरता से निपटाया गया और अब गांव में शांति है।
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