प्रयागराज में बारिश का कहर: घरों से अस्पताल तक जलमग्न, सड़कों पर 4-5 फीट पानी; 4 लोगों की मौत

HIGHLIGHTS
- गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हुई।
- आनंदपुरम और करेली समेत कई इलाकों में घरों में पानी घुसा।
- एसआरएन अस्पताल तक पहुंचने में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हुई।
प्रयागराज। यह देश की प्रमुख पर्यटन नगरी है, जहां हर वर्ष लाखों लोग पवित्र नदियों के संगम में स्नान करने आते हैं। शहर घूमते हैं और इसकी प्रतिष्ठा पूरे देश में पहुंचाते हैं। गंगा और यमुना जैसी दो बड़ी नदियां उफान के बाद भी लगातार बहती रहती हैं, लेकिन शहर के नाले और नालियां दो दिन की बारिश भी नहीं झेल पा रहे हैं। विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद इन दिनों लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है।
नाले-नालियों और सीवर का पानी उफनकर लोगों के घरों में घुस गया है। गृहस्थी का सामान खराब होने से महिलाएं परेशान हैं। घरों में सांप, बिच्छू और कनखजूर दिखाई दे रहे हैं। करंट फैलने के खतरे को देखते हुए बिजली काट दी गई है। बच्चे भी डर के कारण परेशान हैं। आंगन में भरा पानी बाहर सड़क पर निकालना भी संभव नहीं है, क्योंकि पूरे इलाके की सड़कों और गलियों में पहले से ही चार-पांच फीट तक पानी भरा हुआ है।
यह स्थिति केवल कुछ मोहल्लों तक सीमित नहीं है। स्कूल, अस्पताल, दफ्तर, थाने, कोर्ट-कचहरी और बाजार भी जलभराव से प्रभावित हैं। स्कूल बंद कर दिए गए हैं। अस्पतालों तक मरीजों का पहुंचना मुश्किल हो गया है। बाजार भी कभी-कभी ही खुल पा रहे हैं। सड़कों पर ऑटो और ई-रिक्शा मिलना भी मुश्किल हो गया है।
निरंजन डॉट पुल और जॉर्जटाउन में बिगड़े हालात
निरंजन डॉट पुल, सीएमपी डिग्री कॉलेज डॉट पुल, जाफरी कॉलोनी और जॉर्जटाउन में स्थिति बेहद खराब है। इन इलाकों में कमर के ऊपर तक पानी भर गया है। जॉर्जटाउन में संगम टंकी, सीएमपी डिग्री कॉलेज से जॉर्जटाउन थाना, सपा कार्यालय के पास और अन्य मार्गों पर जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित रहा। इन इलाकों में दिनभर पानी भरा रहा।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ की चिंता
गंगा और यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर ने संगम नगरी में फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक नैनी में यमुना का जलस्तर 79.09 से बढ़कर 79.35 मीटर हो गया। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.95 से बढ़कर 80.11 मीटर और छतनाग में 78.74 से बढ़कर 78.92 मीटर पहुंच गया।
नदियों का पानी बढ़ने के साथ गंगा-यमुना किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ रही है। घाटों की सीढ़ियां डूबने, तटवर्ती रास्तों पर पानी पहुंचने और निचले इलाकों में आवागमन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
अनाज खराब, बच्चों की किताबें भीगीं
आनंदपुरम में सौ से ज्यादा घरों में घुटने तक पानी भर गया है। लोगों की गृहस्थी पानी में डूब रही है। यहां के निवासी राजेंद्र पाठक ने बताया कि वह किराये के घर में रहते हैं। गांव से लाया गया अनाज खराब हो गया है और बच्चों की कॉपी-किताबें भीग गई हैं। अब उन्हें नाते-रिश्तेदारों के यहां रहने की जगह तलाशनी पड़ रही है।
पन्नी के नीचे छतों पर गुजर रही रात
करेली की जेके आशियाना कॉलोनी, गड्ढा कॉलोनी और आसपास के इलाकों में कई घरों में कमर तक पानी भरा है। लोगों को छतों पर पन्नी लगाकर रात गुजारनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी नसरीन बेगम के अनुसार, चार-पांच दिन से कई घरों में खाना तक नहीं बन पाया है। बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं और परिवार के लोग दिन-रात घरों से पानी निकालने में लगे हैं।
अनाज, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं पानी में डूबकर खराब हो गई हैं। कीचड़, गंदे पानी और बदबू के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। गुड्डी ने बताया कि पानी कम होने पर महिलाएं मिलकर घर से पानी निकालती हैं, लेकिन बारिश होते ही फिर पानी भर जाता है।
स्लूज गेट बंद होने से बढ़ी समस्या
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सोमवार रात 2:30 बजे स्लूज गेट बंद कर दिया गया। इससे पानी की निकासी प्रभावित हुई। सिविल लाइंस सहित ऊंचाई वाले कई मोहल्लों का पानी कम क्षमता वाले डांडिया नाला अल्लापुर में पहुंच रहा है।
बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम अल्लापुर, डांडिया अल्लापुर, शिवनगर, रामानंद और सर्वोदय जैसे मोहल्ले निचले इलाकों में हैं। अल्लापुर की 80 फीट रोड पर सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी एसटीपी तक नहीं पहुंच पा रहा है। बक्शी बांध पंपिंग स्टेशन चालू होने के बावजूद अल्लापुर में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
नालों पर अतिक्रमण से जलभराव की समस्या
शहर में नालों पर अतिक्रमण भी गंभीर समस्या बनी हुई है। कई जगह नालों के ऊपर दुकानें और घर बना दिए गए हैं। इसके कारण नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। राजरूपपुर, आनंदपुरम, गंगानगर और राजापुर सहित कई इलाकों में नालों पर घर बनाकर स्लैब डालकर कब्जा किया गया है।
सभी पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश
महापौर गणेश केसरवानी और नगर आयुक्त ने मंगलवार को दारागंज स्थित मोरी गेट बाढ़ पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। महापौर ने पंपों की स्थिति, विद्युत व्यवस्था और जल निकासी मार्गों की सफाई की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी पंपिंग स्टेशन पूरी क्षमता के साथ तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यक उपकरण और संसाधन हर समय उपलब्ध रखने को कहा।
एसआरएन अस्पताल के पास भी जलभराव
एमजी मार्ग पर जलभराव के कारण मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों का एसआरएन अस्पताल पहुंचना मुश्किल रहा। सड़क पर गड्ढों में पानी भरने के कारण दिनभर ई-रिक्शा और बाइक सवार गिरते रहे। अस्पताल में स्त्री रोग विभाग के पास भी पानी भरने से परेशानी हुई।
अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत
प्रयागराज जिले में मंगलवार को आपदा से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। आपदा से मौत की पुष्टि होने के बाद प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से मुआवजा दिया जाएगा।
सोरांव के सराय चंद्र भान निवासी रामकुमार की तालाब में डूबने से, करछना के महेवा पट्टी निवासी रोहित की यमुना नदी में डूबने से, हंडिया के मुई निवासी अंजली की जहरीले जंतु के काटने से और बेलसारा निवासी ननका देवी की गैर रिहायशी जर्जर मकान गिरने से मौत हुई। ननका देवी मलबे के नीचे दब गई थीं।
तीन घंटे में 104 मिमी बारिश दर्ज
प्रयागराज में लगातार दूसरे दिन भी भारी बारिश जारी रही। मंगलवार सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच 104 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह इस सीजन की सबसे अधिक बारिश है। मौसम विभाग के अनुसार, 36 घंटे में 125.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। सोमवार की तुलना में मंगलवार को अधिकतम तापमान में 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग ने 24 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई है।
12वीं तक के सभी स्कूल बंद
प्रयागराज में जगह-जगह जलभराव को देखते हुए बीएसए अनिल कुमार ने बुधवार को प्री-प्राइमरी से 12वीं तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। बीएसए के अनुसार, लगातार बारिश के कारण शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार को छुट्टी का फैसला लिया गया।
यह आदेश सभी परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों के अलावा सभी बोर्डों से मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। इसमें हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी शामिल हैं।
13 स्थानों पर पेड़ गिरे
भारी बारिश के कारण शहर में 13 स्थानों पर पेड़ और डालियां गिर गईं। इनमें मधवापुर सब्जी मंडी स्थित पार्षद कृष्ण कुमार पाठक के घर के पास, करैली में पार्षद फजल खान के घर के पास, नैनी अरैल रोड पर फलाहारी आश्रम के पास, नैनी काजीपुर, डीएम कार्यालय, ट्रैफिक चौराहे के पास, इंदिरा चौराहा हाईकोर्ट, जस्टिस बिड़ला सिविल लाइंस आवास, अल्लापुर पार्षद सोनू पटेल, झुंसी हवेलिया, टीबी कॉलोनी तेलियरगंज हाईकोर्ट, बीएसएनएल कॉलोनी और डीएम आवास शामिल हैं। इस दौरान कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।
नगर निगम मुख्यालय भी जलमग्न
शहर को जलभराव से बचाने के लिए जिम्मेदार नगर निगम कार्यालय भी मंगलवार को जलभराव से नहीं बच सका। सरोजनी नायडू स्थित नगर निगम मुख्यालय में कई जगह पानी भर गया। महापौर कार्यालय, नगर आयुक्त कार्यालय, दाखिल खारिज अनुभाग, स्मार्ट सिटी और अधिशासी अभियंता कार्यालय के सामने भी पानी जमा रहा। पूरे दिन यहां जलनिकासी नहीं हो सकी।
रेलवे मुख्यालय मार्ग पर आवागमन प्रभावित
बारिश के कारण झलवा क्षेत्र में भी जनजीवन प्रभावित रहा। इंडियन ऑयल डिपो के सामने वाली सड़क से सूबेदारगंज रेलवे ओवरब्रिज तक भारी जलभराव रहा। रेलवे मुख्यालय के पास इस मार्ग पर पानी भरने से राहगीरों को परेशानी हुई।
दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए और चालकों को उन्हें घसीटकर ले जाना पड़ा। साइकिल सवार भी पैदल चलने को मजबूर हुए। दूध विक्रेता वीरू ने बताया कि पानी इतना अधिक था कि बाइक चलाना मुश्किल हो गया और उन्हें बंद बाइक घसीटनी पड़ी।
रामबाग स्टेशन पर जलभराव, झुंसी से चलीं बनारस रूट की ट्रेनें
रामबाग रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। स्टेशन के ट्रैक पानी में डूबने के कारण प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो, तीन और चार से ट्रेनों की आवाजाही रुक गई।
स्थिति बिगड़ने के बाद रेल प्रशासन ने दोपहर बाद बनारस की ओर जाने वाली पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का संचालन रामबाग के बजाय झुंसी स्टेशन से कराने का फैसला किया।
मंगलवार को रामबाग स्टेशन से केवल विभूति एक्सप्रेस का संचालन हो सका। यह ट्रेन भी निर्धारित समय से काफी देर से पहुंची। दोपहर 12 बजे के बजाय करीब सवा तीन बजे रामबाग पहुंची विभूति एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर एक के बजाय पांच से रवाना किया गया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.