राहुल गांधी नागरिकता मामला: हाईकोर्ट ने बंद कमरे में सुनवाई का दिया आदेश

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में गुरुवार को राहुल गांधी के नागरिकता विवाद से जुड़ा मामला सुना गया। सुनवाई की शुरुआत में ही केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस.बी. पांडेय ने न्यायालय से अनुरोध किया कि सुनवाई खुले कोर्ट में न हो, क्योंकि गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज गोपनीय प्रकृति के हैं।
न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने केंद्र सरकार की यह अपील स्वीकार कर ली और मामला चैंबर में सुनवाई के लिए स्थानांतरित कर दिया।
दस्तावेजों का अवलोकन
सुनवाई के दौरान गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी विवेक मिश्रा और सहायक सेक्शन ऑफिसर प्रणव राय संबंधित रिकॉर्ड के साथ उपस्थित हुए। न्यायालय ने दस्तावेजों का अवलोकन किया और इसके बाद उन्हें अंडर सेक्रेटरी को वापस सौंप दिया।
हाईकोर्ट ने याची एस. विग्नेश शिशिर को केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की अनुमति दी। मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल 2026 को होगी।
याचिका की पृष्ठभूमि
कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने यह याचिका दाखिल की है। याची ने लखनऊ की विशेष एमपी/एमएलए अदालत के 28 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की अर्जी खारिज कर दी थी।
याची ने अदालत से FIR दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। याची के अनुसार राहुल गांधी पर भारतीय नागरिक संहिता, पासपोर्ट अधिनियम और ऑफिसियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत गंभीर आरोप हैं।
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