लोकसभा में राहुल गांधी ने कोटद्वार के जिम संचालक दीपक कुमार को सराहा

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के कोटद्वार के जिम संचालक दीपक कुमार की सराहना करते हुए उन्हें देशभक्ति का उदाहरण बताया। राहुल ने कहा कि दीपक ने नफरत और डर के खिलाफ खड़े होकर कमजोरों की रक्षा की, और इससे बड़ी देशभक्ति और कोई नहीं हो सकती। दीपक तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का विरोध किया, जो कथित तौर पर एक मुस्लिम दुकानदार को परेशान कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 26 जनवरी को कोटद्वार के पटेल मार्ग पर हुई। ‘बाबा’ नाम की कपड़ों की दुकान के बाहर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और 70 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद से दुकान का नाम बदलने की मांग की। इसी दौरान झड़प हुई, और दुकानदार के बेटे के मित्र दीपक कुमार ने हस्तक्षेप किया। दीपक ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हुए प्रदर्शनकारियों का सामना किया, जिससे तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई।
दोबारा विरोध प्रदर्शन
31 जनवरी को फिर से कई कार्यकर्ता दुकान और दीपक के जिम ‘द हल्क’ के बाहर जमा हुए, सड़क जाम की गई और नारेबाजी हुई। पुलिस ने समय रहते पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। इस पूरे घटनाक्रम में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। दीपक कुमार 42 वर्ष के हैं और उन्होंने कहा कि इस विवाद के बाद उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
राहुल गांधी से मुलाकात और समर्थन
राहुल गांधी ने दीपक कुमार से दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस नेता वैभव वालिया और अन्य लोग भी मौजूद थे। दीपक की मुलाकात कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी हुई। राहुल ने दीपक की पत्नी से बात करते हुए आश्वासन दिया कि डरने की जरूरत नहीं है और वह कोटद्वार आकर उनसे मिलेंगे। दीपक ने कहा कि उन्हें भगवान के अलावा किसी से डर नहीं लगता।
राजनीतिक बयानबाजी और सामाजिक प्रभाव
इस घटना के बाद राहुल गांधी ने कहा कि संघ परिवार जानबूझकर समाज और अर्थव्यवस्था में जहर घोल रहा है ताकि देश बंटा रहे। उन्होंने दीपक को भारत का नायक बताया और कहा कि वह संविधान और इंसानियत की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस विवाद ने उत्तराखंड में सामाजिक तनाव और राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन और राजनीतिक दल इस मामले में आगे क्या रुख अपनाते हैं।
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