'शुक्र मनाएं भारत में हैं, सऊदी अरब में नहीं', मनोज श्रीवास्तव की पोस्ट चर्चा में

HIGHLIGHTS
- राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने इंटरनेट मीडिया पर अपनी टिप्पणी साझा की।
- पोस्ट में गरबा और मंदिरों में रील बनाने जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया।
- श्रीवास्तव ने मक्का की मस्जिद अल-हराम और मदीना की मस्जिद अन-नबवी के नियमों का जिक्र किया।
भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव की इंटरनेट मीडिया पर की गई एक पोस्ट चर्चा में है। इसमें उन्होंने भारत में धार्मिक स्थलों पर मिलने वाली छूट की तुलना सऊदी अरब के सख्त कानूनों से की है।
मनोज श्रीवास्तव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भारत में गरबा के दौरान कोई भी हरकत करने और मंदिर में रील बनाने की छूट है, इसके लिए शुक्रगुजार होना चाहिए। उन्होंने सऊदी अरब में एक बांग्लादेशी जोड़े को मस्जिद में किस करने पर मृत्युदंड दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी उन्हें नहीं बचा सका। उन्होंने ‘मोहब्बत खुदा है’ जैसी बातों से खुशफहमी में न रहने की बात भी कही। इसके साथ ही उन्होंने अरबी फिल्म ‘अल-हुब्ब अल-इलाही (अल-इबादह)’ का भी उल्लेख किया।
मक्का और मदीना में फोटो-वीडियो बनाने को लेकर सख्ती का जिक्र
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अपनी पोस्ट में सऊदी अरब जाने पर ऐसी गतिविधियों से बचने की सलाह दी, जिन्हें वहां नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। उन्होंने बताया कि मक्का की मस्जिद अल-हराम और मदीना की मस्जिद अन-नबवी में प्रोफेशनल कैमरा, ट्राइपॉड, सेल्फी स्टिक और जिम्बल के इस्तेमाल के साथ नमाज के समय या भीड़ के दौरान फोटो और वीडियो बनाने पर प्रतिबंध या सख्ती रहती है।
श्रीवास्तव ने अपनी पोस्ट में तंज कसते हुए कहा कि हज और रमजान के दौरान नियम और सख्त हो जाते हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि भारत लौटने के बाद कुछ लोग अपने देश की आलोचना करते हैं और यहां तानाशाही होने या लोकतंत्र के कमजोर पड़ने जैसी बातें कहते हैं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने अपनी पोस्ट में सऊदी अरब के सख्त कानूनों और वहां धार्मिक स्थलों पर लागू नियमों का हवाला दिया है।
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