न्यायिक हिरासत के आदेश के खिलाफ सौरव दास और आशुतोष रांका पहुंचे हाई कोर्ट

HIGHLIGHTS
- दिल्ली पुलिस ने दोनों कार्यकर्ताओं को 13 अक्टूबर को हिरासत में लिया था।
- जंतर-मंतर में बैरिकेड के बावजूद गेट चढ़कर प्रवेश करने का आरोप है।
- 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
सीजेपी के कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत के उस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिसके तहत उन्हें 21 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
दोनों कार्यकर्ताओं की ओर से पेश कानूनी टीम ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर तत्काल सुनवाई की मांग की। हाई कोर्ट बुधवार को इस मामले की सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है।
सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर को हिरासत में लिया था। आरोप है कि बैरिकेड लगे होने के बावजूद दोनों जंतर-मंतर स्थल में गेट पर चढ़कर दाखिल हुए थे। इसके बाद 14 अक्टूबर को उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 19 अक्टूबर को एसईएम अदालत ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी थी।
अदालत ने दोनों के आचरण को कानून के प्रति अनादरपूर्ण बताते हुए शांति भंग होने की गंभीर आशंका जताई थी। अदालत ने उनके जमानतदारों को भी अयोग्य मानते हुए स्वीकार नहीं किया। एक जमानतदार के बॉन्ड में दर्ज फोटो और आधार कार्ड की तस्वीर में अंतर पाया गया, जबकि दूसरा जमानतदार सौरव दास की बुनियादी जानकारी नहीं दे सका।
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