लखनऊ में सवर्ण मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस ने गांधी प्रतिमा तक पहुंचने से रोका

लखनऊ। बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट और पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री शनिवार को लखनऊ में आयोजित सवर्ण मोर्चा के प्रदर्शन में शामिल हुए।
इस दौरान सवर्ण मोर्चा ने यूजीसी कानून वापस लेने, सवर्ण आयोग बनाने और आर्थिक आधार पर आरक्षण देने जैसी मांगों को लेकर परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा स्थल हजरतगंज तक मार्च किया। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर रास्ते में बैरियर लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद सैकड़ों कार्यकर्ता बैरियर पार कर हलवासिया चौराहे तक पहुंचे और वहां सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन की शुरुआत परिवर्तन चौक से शांति मार्च के रूप में हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं ने तिरंगा और भगवा ध्वज लहराए। इसके पहले सैकड़ों ब्राह्मण युवाओं ने शंखनाद करके मार्च का शुभारंभ किया।
सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिनव नाथ त्रिपाठी ने कहा कि यूजीसी का वर्तमान कानून सवर्णों के लिए अपमानजनक है और इसे वापस किए बिना आंदोलन थमेगा नहीं। उन्होंने सवर्ण आयोग के गठन, आर्थिक आधार पर आरक्षण और सवर्ण इतिहास के संरक्षण के मुद्दों पर जोर दिया। त्रिपाठी ने कहा कि एससी/एसटी कानून के तहत बिना जांच के दर्ज मुकदमों के माध्यम से आम जनता की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीश सिंह, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी, सवर्ण मोर्चा के संरक्षक दुर्गेश प्रताप सिंह, बसंत सिंह बघेल, टीपी पांडेय, आनंद त्रिपाठी और मीडिया प्रभारी उमेश मिश्रा सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे।
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