अबरार अहमद की नीलामी के बाद सनराइजर्स लीड्स का सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड

लंदन। इंग्लैंड की लोकप्रिय टी20 लीग ‘द हंड्रेड’ की नीलामी के बाद सनराइजर्स लीड्स फ्रेंचाइजी को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। विवाद के बीच टीम का आधिकारिक अकाउंट अचानक निलंबित कर दिया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इस कार्रवाई के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, हालांकि आमतौर पर नियम उल्लंघन वाले अकाउंट्स को ही सस्पेंड किया जाता है।
अबरार अहमद की नीलामी
पाकिस्तानी ऑलराउंडर अबरार अहमद को सनराइजर्स फ्रेंचाइजी ने लगभग 2.3 करोड़ रुपये में खरीदा है। अबरार ऐसे पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं जिन्हें भारतीय स्वामित्व वाली टीम ने ‘द हंड्रेड’ में शामिल किया। इस फैसले के बाद भारत में क्रिकेट प्रशंसकों में गुस्सा देखा गया। कुछ फैंस ने फ्रेंचाइजी की मालिक काव्या मारन पर आरोप लगाए कि उन्होंने देश की भावनाओं की अनदेखी कर खिलाड़ी के लिए आक्रामक बोली लगाई।
नीलामी से पहले चर्चा थी कि भारतीय स्वामित्व वाली टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने से बच सकती हैं। टीम के कोच डेनियल विटोरी ने कहा कि अबरार को टीम में शामिल करने का निर्णय खिलाड़ियों की राय और प्रदर्शन को ध्यान में रखकर लिया गया, और इसके लिए कोई विशेष मीटिंग नहीं हुई।
अन्य खरीदे गए खिलाड़ी
पुरुषों की नीलामी में अबरार के अलावा उस्मान तारिक को भी खरीदा गया। तारिक को बर्मिंघम फोएनिक्स ने लगभग 1.7 करोड़ रुपये में खरीदा। सनराइजर्स हैदराबाद ने पिछले साल लीग की लीड्स फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण किया था। टीम पहले नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के नाम से जानी जाती थी।
सोशल मीडिया विवाद
अबरार को लेकर आलोचना का मुख्य कारण 2025 में उनके कथित विवादित पोस्ट बताए जा रहे हैं। उस समय भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ था और आरोप है कि अबरार ने कुछ पोस्ट में भारतीय सुरक्षा बलों का मजाक उड़ाया। उनके साइन होने के बाद ट्विटर और एक्स पर #ShameOnSRH और #BoycottSunrisers जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
कुछ आलोचकों ने फ्रेंचाइजी की मालिक काव्या मारन को भी निशाने पर लिया और कहा कि मुनाफा राष्ट्रीय भावना से ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हुए उन्होंने अबरार के लिए आक्रामक बोली लगाई।
इस घटना ने साबित कर दिया है कि विदेशी लीगों में खिलाड़ी चयन और राष्ट्रीय भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखना भारतीय मालिकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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