पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं चाहता सुप्रीम कोर्ट, कहा- आदेशों का जमीनी स्तर पर हो पालन

HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सहयोग को जरूरी बताया।
- अदालत ने जन जागरूकता बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों और प्रमुख हस्तियों की मदद लेने का सुझाव दिया।
- दिल्ली सरकार नवंबर से पुराने वाहनों और निर्माण गतिविधियों पर पाबंदियों सहित कई उपाय लागू करेगी।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक अधिकारी जमीनी स्तर पर आदेशों को लागू नहीं करेंगे, तब तक हर साल नए आदेश और दिशा-निर्देश जारी करने का कोई औचित्य नहीं है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और प्रसन्ना बी वराले की पीठ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पटाखे फोड़ने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि यह मुद्दा हर जीवित प्राणी से जुड़ा हुआ है।
आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
पीठ ने कहा कि जमीनी स्तर पर आदेशों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो आदेश और निर्देश जारी करने का कोई मतलब नहीं रह जाता और पूरी प्रक्रिया मजाक बनकर रह जाती है। अदालत ने यह भी कहा कि यह विरोधी पक्षों के बीच का मामला नहीं है, बल्कि अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।
अदालत ने कहा कि इस समस्या पर वास्तव में नियंत्रण करना होगा। हर साल संतुलन बनाने की कोशिश की जाती है, लेकिन सभी का सहयोग नहीं मिलने पर ऐसा संभव नहीं है। पीठ ने जनता की भावनाओं को समझने की बात कहते हुए कहा कि वह पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है, लेकिन अधिकारियों को ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए कि अदालत को बेहद सख्त रुख अपनाना पड़े।
जागरूकता के लिए खिलाड़ियों और प्रमुख हस्तियों की मदद लेने का सुझाव
पीठ ने लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों और अन्य प्रमुख हस्तियों की सहायता लेने का सुझाव दिया।
शीर्ष अदालत दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इनमें एक मामला अदालत ने स्वतः संज्ञान लेकर शुरू किया है, जो एनसीआर में वायु प्रदूषण से संबंधित है। इसमें पटाखे जलाने, पराली जलाने और ठोस कचरे के प्रबंधन जैसे मुद्दे शामिल हैं। दूसरी याचिका में पटाखों के निर्माण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
दिल्ली सरकार नवंबर से लागू करेगी कई उपाय
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस साल वायु प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत नवंबर से कई उपाय लागू किए जाएंगे।
इन उपायों में पुराने वाहनों पर पाबंदियां, निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर रोक तथा दिल्ली में कार्यालयों के समय में चरणबद्ध बदलाव शामिल हैं।
पटाखों में बेरियम के इस्तेमाल पर केंद्र में विचार-विमर्श जारी
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पटाखों में बेरियम के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे पर आंतरिक विचार-विमर्श किया जा रहा है।
ऐश्वर्या भाटी ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अदालत से तीन सप्ताह का समय मांगा। उन्होंने कहा कि बेरियम के मुद्दे पर आंतरिक विचार-विमर्श अभी पूरा नहीं हुआ है। इस पर पीठ ने कहा कि वह तीन सप्ताह बाद इस मामले पर विचार करेगी।
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