चक्रवात अर्नब का करवा चौथ पर असर, बारिश के चलते लखनऊ में नहीं दिखा चांद

HIGHLIGHTS
- शहर के अधिकांश हिस्सों में बारिश के कारण चंद्र दर्शन नहीं हो सके।
- ब्रजेश पाठक ने पत्नी नम्रता पाठक को पानी पिलाकर उनका व्रत खुलवाया।
- नम्रता पाठक ने करवा चौथ पर परिवार और पति की लंबी उम्र की कामना की।
चक्रवात अर्नब का प्रभाव करवा चौथ के पर्व पर भी देखने को मिला। शहर के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने के कारण चांद के दर्शन नहीं हो सके। लखनऊ में रात करीब आठ बजे चांद निकलने का समय था, लेकिन उस दौरान आसमान में बादल छाए रहने और बारिश होने से चांद दिखाई नहीं दिया।
डिप्टी सीएम ने पत्नी के साथ की पूजा
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपनी पत्नी नम्रता पाठक के साथ करवा चौथ मनाया। उन्होंने पत्नी को पानी पिलाकर उनका व्रत खुलवाया।
इस मौके पर डिप्टी सीएम की पत्नी नम्रता पाठक ने कहा, "सबसे पहले, आप सभी को करवा चौथ की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। जो बहनें अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं, उनके लिए यह व्रत हमें सिखाता है कि हम अपने परिवार, बच्चों और पति की दीर्घायु की कामना करें। हम भगवान गौरी-शंकर से यही प्रार्थना करते हैं और चंद्र देव को नमन करते हैं।"
चांद न दिखे तो ऐसे खोलें व्रत
करवा चौथ पर बारिश या बादलों के कारण चांद दिखाई नहीं देने पर महिलाएं चंद्रोदय के निर्धारित समय पर चंद्रमा की दिशा में अर्घ्य देकर व्रत खोल सकती हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, चौकी पर चावल से चांद की आकृति बनाकर छलनी से उसके दर्शन किए जा सकते हैं। इसके साथ ही ॐ चंद्राय नमः मंत्र का जाप करें। भगवान शिव या चांदी के सिक्के को चंद्रमा का प्रतीक मानकर उनकी पूजा भी की जा सकती है।
व्रत और पूजन का शुभ मुहूर्त
चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की रात 1:06 बजे से शुरू होकर 29 अक्तूबर की रात 10:09 बजे तक रहेगी। पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:26 बजे से 6:43 बजे तक है, जबकि चंद्रोदय रात 8:06 बजे होगा।
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, शुक्र अस्त होने के बावजूद महिलाएं करवा चौथ का व्रत विधि-विधान से रख सकती हैं। इसे लेकर उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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