‘नेहरू की गलतियों का खामियाजा देश भुगत रहा’, गिरिराज ने कांग्रेस पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने नेहरू की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि उस दौर में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को देशहित से ऊपर रखा गया। गिरिराज सिंह का आरोप है कि कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर गलत फैसले लेकर भारत की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर किया गया। उन्होंने कहा कि इस विषय को संयुक्त राष्ट्र तक ले जाना एक ऐतिहासिक भूल थी, जिसका खामियाजा देश आज तक भुगत रहा है।
गिरिराज सिंह ने नेहरू और एडविना माउंटबेटन से जुड़ी तस्वीरों का जिक्र करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की। उनका कहना था कि इन घटनाओं से उस समय की राजनीतिक प्राथमिकताओं और सोच पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
अंबेडकर के चुनाव हारने पर लगाए आरोप
केंद्रीय मंत्री ने यह दावा भी किया कि जब डॉ. भीमराव अंबेडकर चुनाव हार गए थे, तब नेहरू लेडी माउंटबेटन के साथ जश्न मना रहे थे। उन्होंने कहा कि पोस्टरों के माध्यम से सामने आ रही ये जानकारियां लोगों को उस दौर की राजनीति पर सोचने के लिए मजबूर करती हैं। उन्होंने इसकी तुलना वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करते हुए कहा कि मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की साख को मजबूत किया है और देश को नई पहचान दिलाई है।
संसद के हंगामे पर प्रतिक्रिया
संसद में हुए हालिया हंगामे पर भी गिरिराज सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विपक्ष की महिला सांसदों का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण था और संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं था। उनका कहना था कि कुछ सांसद बैनर लेकर प्रधानमंत्री की मेज तक पहुंच गई थीं, जो सदन की परंपराओं के खिलाफ है।
गिरिराज सिंह ने बताया कि वह स्वयं उस समय सदन में मौजूद थे और उन्होंने हाथ जोड़कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि किरेन रिजिजू के वीडियो में भी साफ दिखता है कि समझाने के बावजूद माहौल तनावपूर्ण बना रहा। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष की टिप्पणी को भी सही ठहराते हुए कहा कि उस समय हालात चिंताजनक थे और यदि प्रधानमंत्री सदन में मौजूद होते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
राहुल गांधी पर निशाना
राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के सदन में न आने की बात कही थी, गिरिराज सिंह ने इसे गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांगों में तानाशाही सोच झलकती है। उनका आरोप था कि राहुल गांधी का रवैया ऐसा है, मानो कोई जमींदार आदेश दे रहा हो।
गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जनता द्वारा चुने जाते हैं, किसी परिवार या वर्ग की बपौती नहीं होते। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक साधारण और पिछड़े वर्ग के परिवार से आते हैं और यही बात विपक्ष को असहज करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू परिवार की यही सोच आज भी बनी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही नियमों और परंपराओं के तहत चलती है और बिना प्रकाशित हुए विषयों पर चर्चा की जिद करना उचित नहीं है।
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