मेरठ में बनेगा देश का पहला मानव रहित विमान और ड्रोन रनवे

मेरठ – सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) देश का पहला समर्पित मानव रहित विमान (UAV) और ड्रोन रनवे मेरठ में विकसित करने जा रहा है। इसके लिए 406 करोड़ रुपये की परियोजना का टेंडर जारी कर दिया गया है। किला रोड पर 900 एकड़ में बनने वाला यह रनवे रक्षा, निगरानी, प्रशिक्षण और ड्रोन परीक्षण के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।
परियोजना का महत्व
भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सुरक्षा ढांचे में आधुनिक बदलाव शुरू किया है। इसी रणनीति के तहत मेरठ छावनी में यह यूएवी और ड्रोन रनवे विकसित किया जा रहा है। दिल्ली के पास होने के कारण इसे विशेष महत्व दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य के युद्ध और आपदा प्रबंधन में ड्रोन और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट की भूमिका बढ़ती जा रही है, और इस रनवे से इन्हें प्रशिक्षण और परीक्षण का सुविधा प्राप्त होगी।
तकनीकी विवरण
बीआरओ के मुख्य अभियंता ने टेंडर जारी करते हुए बताया कि परियोजना को पूरा होने में लगभग सात वर्ष लग सकते हैं। रनवे की लंबाई 2110 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी। यहाँ से सी-295 और सी-130 जैसे परिवहन विमान भी संचालित किए जा सकेंगे।
बहुउद्देश्यीय उपयोग
यह रनवे न केवल सैन्य निगरानी और प्रशिक्षण के लिए उपयोगी होगा, बल्कि आपदा प्रबंधन के समय राहत और बचाव कार्यों, दूरदराज सामग्रियों की आपूर्ति और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मदद में भी काम आएगा। इसे भारतीय सेना के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में तैयार किया जा रहा है।
रणनीतिक दृष्टि
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक युद्ध के तरीकों में बदलाव के कारण इस तरह के विशेष रनवे की जरूरत बढ़ गई है। यह परियोजना भारत की हवाई चौकसी और रणनीतिक तैयारी को नई मजबूती प्रदान करेगी।
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