यूपी की 'एपस्टीन फाइल्स' बनाने वाले जेई का जेल में भी दबदबा, सामने आए चौंकाने वाले फैक्ट

बांदा। फांसी की सजा पाए जेई रामभवन की जेल जीवन से जुड़ी कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। फांसी से पहले बांदा जेल में अपने रसूख के बल पर वह साथी बंदियों को नियंत्रित करते थे। कोई उन्हें पानी लाता था तो कोई खाना। जेल के अंदर उनके व्यवहार ने कई गरीब बंदियों को उनके प्रति निष्ठावान बना दिया था।
गिरफ्तारी और सजा का संक्षिप्त विवरण
चित्रकूट जिले के सिंचाई विभाग से निलंबित जेई रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती को यौन शोषण मामले में 20 फरवरी को फांसी की सजा सुनाई गई। सीबीआई ने 17 नवंबर 2020 को रामभवन को 33 बच्चों के यौन शोषण और उनके पोर्न वीडियो 47 देशों में फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामले में चार्जशीट 22 मई 2023 को दायर की गई थी। विशेष न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया।
जेल में पहले का रसूख
जेल सूत्रों के अनुसार, जेल में रहने के दौरान रामभवन ने 45-50 बंदियों को अपने अधीन कर लिया था। इनमें से 12-13 गरीब बंदियों को वह आर्थिक मदद भी करता था। बंदियों ने उसकी दिनचर्या के हर काम में मदद की—सुबह शौचालय जाने से लेकर नहाने और खाना लाने तक। इस तरह जेल के अंदर वह बंगले के मालिक जैसी स्थिति में नजर आते थे।
जेल प्रशासन में बदलाव और कड़ी निगरानी
29 जनवरी को रविकाना की रिहाई के बाद जेल प्रशासन में बदलाव हुआ। तत्कालीन जेल अधीक्षक, जेलर और डिप्टी जेलर निलंबित हुए और नए अधीक्षक आलोक कुमार ने नियमावली कड़ी कर दी। अब जेई और उनकी पत्नी दुर्गावती की निगरानी सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों के जरिए की जा रही है।
अब रामभवन सामान्य बंदी की तरह रह रहे हैं
जेल सूत्रों के अनुसार, अब जेई रामभवन अन्य बंदियों से कोई काम नहीं करवा रहे। वह अपने सोने और रहने की जगह की सफाई खुद करते हैं और खाना-पानी लेने में भी स्वतंत्र हैं। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल में किसी बंदी को अनावश्यक दबाव में काम नहीं करवाया जाता।
अब रामभवन जेल में बाकी बंदियों की तरह ही अपना जीवन बिता रहे हैं, शायद अपने किए गए कुकर्मों के पश्चाताप के रूप में।
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