ग्वालियर के मदरसे में प्रशासन की छापेमारी, 7 बच्चियों समेत 22 बच्चों को किया गया रेस्क्यू

HIGHLIGHTS
- मदरसा दारुल उल कुरान में बाल आयोग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
- रेस्क्यू किए गए बच्चों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और राजस्थान के बच्चे भी शामिल हैं।
- अधिकारियों ने बच्चों के अभिभावकों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू की है।
ग्वालियर शहर में एजी ऑफिस के पास स्थित मदरसा दारुल उल कुरान में बाल आयोग, बाल कल्याण समिति, बाल कल्याण विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान मदरसे में रह रहे 22 बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें 7 बच्चियां भी शामिल हैं। टीम ने मौके पर बच्चों के रहने, पढ़ाई और उन्हें मिलने वाली अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया।
बाल आयोग और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान बच्चों के रहने, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर कई कमियां मिलीं। समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मदरसे में बच्चों को नियमों के मुताबिक नहीं रखा जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की विस्तृत जांच अभी जारी है।
छापेमारी के दौरान मदरसे में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के अलावा राजस्थान के कुछ बच्चे भी मिले। अधिकारियों ने बच्चों से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ उनके अभिभावकों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बच्चों को रेस्क्यू किए जाने के बाद उनकी सुरक्षा और आगे की व्यवस्था के लिए बाल कल्याण समिति जरूरी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
दूसरी ओर, मदरसे से जुड़े लोगों ने व्यवस्थाओं में कुछ कमियां होने की बात स्वीकार की है। मदरसे के शिक्षक मोहम्मद साकिर ने कहा कि यदि कोई कमी पाई जाती है, तो उसे दूर किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि मदरसे में रह रहे सभी बच्चे अपने माता-पिता की सहमति से यहां आए थे और पढ़ाई कर रहे थे।
कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद बच्चों के परिजन चिंतित हो गए। कुछ अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चे मदरसे में अच्छी तरह रह रहे थे और पढ़ाई कर रहे थे। परिजनों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से पूरे मामले की जानकारी मांगी है।
बाल आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा के मुताबिक, बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि मदरसे में बच्चों को किन परिस्थितियों में रखा जा रहा था और वहां निर्धारित नियमों का पालन हो रहा था या नहीं।
वर्तमान में प्रशासन, बाल आयोग और बाल कल्याण समिति की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। बच्चों से जुड़े दस्तावेजों, अभिभावकों की सहमति और मदरसे में रहने की व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.