मुजफ्फरनगर में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक, उपभोक्ताओं को मिली राहत

मुजफ्फरनगर में पुराने बिजली मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। ऊर्जा निगम ने निर्णय लिया है कि अब केवल खराब हो चुके मीटरों के स्थान पर ही प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही सभी ट्रांसफार्मरों पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी रहेगा। इस फैसले से जिले के चार लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि अब तक 82,068 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
उपभोक्ताओं के विरोध के बाद बदलाव
जिले में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर लंबे समय से विरोध देखा जा रहा था। उपभोक्ताओं ने अधिक बिलिंग और तकनीकी खामियों को लेकर लगातार आपत्तियां जताई थीं। इसी बीच शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद पुराने मीटरों को हटाने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है।

तकनीकी जांच के लिए समिति गठित
मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता की जांच के लिए शासन द्वारा एक तकनीकी समिति गठित की गई है। इसी कारण फिलहाल पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने का कार्य स्थगित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिले में कुल 5,53,105 बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 82,068 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि 4,71,037 उपभोक्ताओं के यहां अभी यह प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। नए आदेश के बाद इन उपभोक्ताओं को अस्थायी राहत मिली है।
प्रीपेड मीटरों में बैलेंस की समस्या
मुख्य अभियंता ने यह भी बताया कि जिले में 18,023 प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का बैलेंस नेगेटिव में चला गया है। इस कारण 11,248 कनेक्शन अस्थायी रूप से काटे गए थे, हालांकि रिचार्ज कराने के बाद 43,503 उपभोक्ताओं के कनेक्शन दोबारा जोड़ दिए गए हैं।
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