हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सरकार के आश्वासन के बाद काम पर लौटेंगे कर्मचारी

HIGHLIGHTS
- कर्मचारी नेताओं और सरकार के बीच शुक्रवार को दो दौर की बातचीत हुई
- निजी कंपनी के लाइसेंस के खिलाफ बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई का भरोसा मिला।
- यूनियन नेता देवेंद्र हुड्डा ने कर्मचारियों के तुरंत काम पर लौटने की बात कही।
पंचकूला। हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में पिछले दो दिनों से जारी बिजली कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई। कर्मचारियों ने गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था।
हड़ताल खत्म कराने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज ने कर्मचारी नेताओं के साथ दो दौर की बातचीत की। निजी कंपनी का लाइसेंस रद करने के लिए बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई करने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की।
हालांकि, लाइसेंस रद करने की औपचारिक प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है। इस मुद्दे पर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच अगली बैठक तीन नवंबर को होगी।
सरकार के आश्वासन पर कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल
ऑल हरियाणा पावर वर्कर यूनियन के नेता देवेंद्र हुड्डा ने बताया कि मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार ने निजी कंपनी को बिजली वितरण के क्षेत्र में प्रवेश से रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
उन्होंने कहा कि यूनियन ने सभी मांगों पर बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया है। उनके अनुसार, हड़ताल में शामिल 95 प्रतिशत कर्मचारी तुरंत काम पर लौट आएंगे। बिजली आपूर्ति में जहां भी फाल्ट हैं, उन्हें जल्द ठीक किया जाएगा।
पहले अनिल विज ने दिया आश्वासन, फिर सीएम के साथ बैठक में बनी सहमति
शुक्रवार को हड़ताल समाप्त कराने के लिए सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच दो चरणों में बातचीत हुई। पहले दौर की बैठक में बिजली मंत्री अनिल विज ने भरोसा दिलाया कि निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के फैसले के खिलाफ बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई थी। इसके बाद दूसरे दौर की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शामिल हुए। सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद यूनियन ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया।
बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत राज्य सरकार जनहित से जुड़े नीतिगत मामलों में हरियाणा विद्युत नियामक आयोग को निर्देश दे सकती है। हालांकि, आयोग के फैसले में बदलाव करने और लाइसेंस रद करने के लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा।
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