चीनी वीजा घोटाला: न्यायमूर्ति कठपालिया ने कार्ति चिदंबरम की याचिका से खुद को किया अलग

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया ने शुक्रवार को कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की उस याचिका से सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने कथित चीनी वीजा घोटाले में सीबीआई द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोपों को चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति कठपालिया ने कहा कि व्यक्तिगत कारणों से वे इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकते और मामले को मुख्य न्यायाधीश (आपराधिक पक्ष) के आदेश के अधीन किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी। यह तीसरी बार है जब दिल्ली हाईकोर्ट के किसी न्यायाधीश ने इस याचिका से खुद को अलग किया है। इससे पहले 15 जनवरी को न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा और 19 जनवरी को न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी ने भी ऐसा किया था।
याचिका का विवरण
कार्ति चिदंबरम, जो शिवगंगा से सांसद हैं, ने याचिका में दावा किया है कि निचली अदालत ने रिकॉर्ड, दस्तावेज़ और गवाहों के बयानों पर उचित न्यायिक विचार नहीं किया और ऐसे प्रमाणों को नजरअंदाज किया जो आपराधिकता की अनुपस्थिति को दिखाते हैं। उनकी याचिका में कहा गया है कि न तो कोई रिश्वत ली गई और न ही कोई साजिश रची गई, जैसा कि जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है।
पिछला आदेश
23 दिसंबर 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम और छह अन्य पर आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 और 9 के तहत आरोप तय किए थे। कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री इस बात के लिए मौजूद है कि आरोप लगाए जा सकते हैं।
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