पूर्वी-पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे: दिल्ली सरकार ने लंबित भूमि भुगतान को दी मंजूरी

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण लागत में अपनी लंबित हिस्सेदारी का भुगतान करने का बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को इसकी जानकारी दी और बताया कि करीब 3700 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी दे दी गई है, जिससे लंबे समय से अटका यह मामला अब सुलझ जाएगा।
भुगतान कैसे होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट से पहली किस्त 500 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को जारी की जाएगी। शेष 3203.33 करोड़ रुपये भविष्य के बजट प्रावधानों के तहत किस्तों में दिए जाएंगे।
पिछली सरकार पर आरोप
सीएम ने कहा कि यह निर्णय सिर्फ वित्तीय औपचारिकता नहीं है, बल्कि दिल्ली के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। इससे अंतर-राज्यीय वित्तीय विवाद सुलझेंगे और केंद्र सरकार के साथ तालमेल बेहतर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राजनीतिक कारणों से इस परियोजना में गंभीरता नहीं दिखाई और भुगतान को रोक रखा था, जिससे दिल्ली के विकास और यातायात व्यवस्था को नुकसान हुआ।
पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का महत्व
पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दिल्ली को भारी वाहनों के दबाव से राहत देना है। ये एक्सप्रेसवे 2018 से चालू हैं और शहर के चारों ओर स्मार्ट रिंग रोड का काम करते हैं। इसके माध्यम से ट्रक और कमर्शियल वाहन, जिन्हें केवल दिल्ली से होकर गुजरना होता है, शहर में प्रवेश किए बिना बाहर निकल जाते हैं।
- पूर्वी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे: गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और बागपत से जुड़ता है
- पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे: हरियाणा के कुंडली, मानेसर और पलवल से कनेक्ट करता है
दोनों मिलकर दिल्ली के चारों ओर आधुनिक छह‑लेन मार्ग का नेटवर्क बनाते हैं।
लाभ: ट्रैफिक, समय, ईंधन और प्रदूषण
इन एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक दबाव कम हुआ है, जिससे यात्रियों का समय और ईंधन दोनों बच रहे हैं। भारी वाहनों की संख्या कम होने से हवा की गुणवत्ता में सुधार भी हुआ है। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे को ग्रीन और स्मार्ट तरीके से विकसित किया गया है, जिसमें सौर ऊर्जा और ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।
मुख्यमंत्री का संदेश
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह भुगतान दिल्ली को स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि केंद्र के साथ मिलकर विकास की गति बढ़ाई जाए और दिल्लीवासियों को बेहतर यातायात और साफ वातावरण मिले।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.