हिमाचल कांग्रेस की बैठक में बड़ा फैसला, पंचायत-निकाय चुनाव की तैयारी तेज

राजीव भवन में गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति और राजनीतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों को देखते हुए प्रत्याशियों के चयन के लिए अलग-अलग समितियां बनाने और जिला स्तर पर पर्यवेक्षक नियुक्त करने का फैसला लिया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार को अधिकृत किया जाएगा। प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने सभी नेताओं और पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस “एक व्यक्ति, एक पद” के सिद्धांत पर काम कर रही है और संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है। साथ ही पंचायत और नगर निकाय चुनावों में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को अवसर देने पर जोर दिया गया।
प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने भरोसा जताया कि जल्द ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों का गठन पूरा कर लिया जाएगा और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने जानकारी दी कि राजीव भवन में बनाए गए ‘कनेक्ट सेंटर’ के माध्यम से पार्टी पदाधिकारियों के कामकाज की नियमित समीक्षा की जाएगी।
इस बैठक में मुख्यमंत्री सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, संगठन महासचिव विनोद जिंटा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, कई मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का बयान: संगठन और सरकार में मजबूत तालमेल
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बैठक के बाद कहा कि राज्य में सरकार और संगठन के बीच पूरी तरह से समन्वय बना हुआ है और किसी भी तरह की दूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी के भीतर चर्चा की जाती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव पार्टी आधार पर नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है और इसका आधार भी पार्टी ने ही तैयार किया था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का उल्लेख किया।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने में भी कांग्रेस की भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जिला परिषद से लेकर पंचायत स्तर तक महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सबसे ज्यादा काम कांग्रेस ने किया है और विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उठा रहा है।
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