हिमाचल में फिर बरसेंगे बादल, कांगड़ा-मंडी समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; भूस्खलन का खतरा

HIGHLIGHTS
- 12 से 16 अगस्त तक भी कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान है।
- भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
- पिछले 24 घंटों में धर्मशाला में 6 सेंटीमीटर और अर्की में 5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 10 से 16 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 10 और 11 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
जिलावार पूर्वानुमान के अनुसार कांगड़ा और सिरमौर में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मंडी में भी इन दोनों दिनों में ऐसी ही स्थिति बनने की संभावना है। इसके अलावा बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला और सोलन के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है।
12 और 13 अगस्त को भी प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 14, 15 और 16 अगस्त को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
कांगड़ा-मंडी में ज्यादा सतर्कता
मौसम विभाग ने कांगड़ा और मंडी को उन जिलों में शामिल किया है, जहां 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। सिरमौर में भी दोनों दिन ऐसी स्थिति बनने का अनुमान है। इसके बाद 12 अगस्त को इन जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा
भारी बारिश के चलते संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और मलबा खिसकने का खतरा बढ़ सकता है। निचले क्षेत्रों में जलभराव होने के साथ नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की भी आशंका है। कुछ जगहों पर अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है। बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और कम दृश्यता से यातायात भी प्रभावित होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन, मलबा खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। साथ ही नदी, नालों और अन्य जल निकायों से दूरी बनाए रखने और यातायात से जुड़े निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
तेज हवाओं और बिजली चमकने की संभावना
10 से 16 अगस्त के बीच किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। निचले और मध्यम पहाड़ी क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
तापमान में भी आएगा बदलाव
अगले 48 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं, अगले चार से पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
बीते 24 घंटे में भी हुई बारिश
मौसम बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला में 6 सेंटीमीटर, अर्की में 5 सेंटीमीटर और ठियोग, पांवटा तथा शिमला में 4-4 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
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