हिमाचल: टैक्सी से मायके न ले जाने पर रूठी पत्नी, तीन साल में टूटा विवाह

छोटी-छोटी इच्छाएं जब वैवाहिक रिश्तों पर भारी पड़ने लगें, तो उनका परिणाम कितना गंभीर हो सकता है, इसका उदाहरण देहरा में सामने आए एक मामले में देखने को मिला है। आर्थिक रूप से सीमित आय वाले पति पर बार-बार टैक्सी से पत्नी को मायके छोड़ने का दबाव, लगातार विवाद और अलगाव ने आखिरकार एक परिवार को टूटने की कगार पर पहुंचा दिया। करीब तीन साल तक चले इस विवाद के बाद अदालत ने विवाह को समाप्त करने का फैसला सुनाया है।
फैमिली कोर्ट ने दी तलाक की डिक्री
देहरा स्थित फैमिली कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में पति को पत्नी से तलाक की डिक्री प्रदान की है। अदालत ने यह फैसला पत्नी की कथित क्रूरता और लंबे समय से वैवाहिक दायित्वों से दूरी बनाए रखने के आधार पर दिया। यह विवाह फरवरी 2022 में पंजाब के होशियारपुर में धूमधाम से संपन्न हुआ था, लेकिन कुछ ही महीनों बाद रिश्तों में तनाव शुरू हो गया।
पति का आरोप था कि शादी के बाद पत्नी लगातार टैक्सी से मायके जाने की जिद करती थी, जबकि उसकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि वह बार-बार यह खर्च उठा सके।
लगातार तनाव और अलगाव
पति ने अदालत को बताया कि इसी वजह से घर में रोजाना झगड़े होने लगे। छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ता गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि रिश्तों में तनाव गहराता चला गया। आरोप है कि पत्नी लंबे समय से अपने मायके में रह रही थी और सुलह के तमाम प्रयासों को उसने स्वीकार नहीं किया।
पंचायत स्तर पर भी कई बार समझौते की कोशिशें की गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
अदालत की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान पत्नी की अनुपस्थिति में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि जब पति-पत्नी के बीच आपसी सम्मान और साथ रहने की इच्छा समाप्त हो जाए, तो ऐसे रिश्ते को जबरन जारी रखना उचित नहीं है।
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