भारत-यूएई संबंध मजबूत, मोदी-शेख मोहम्मद की बैठक में हुए कई अहम समझौते

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर दोनों नेताओं के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें भारत-यूएई संबंधों को और व्यापक बनाने पर सहमति बनी। इस दौरान कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए और रणनीतिक सहयोग के नए आयामों पर चर्चा हुई।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोटल में स्थापित होने वाले राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर के लिए यूएई द्वारा ऐतिहासिक कलाकृतियां उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की। इसके साथ ही दोनों देशों ने ध्रुवीय अनुसंधान, संयुक्त वैज्ञानिक अभियानों और संस्थागत सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
भारतीय समुदाय को लेकर जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई में रह रहे लगभग 45 लाख भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद का आभार व्यक्त किया। वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय स्थिरता और शांति से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए साझा रुख दोहराया।
इन अहम क्षेत्रों में बनी सहमति
बैठक में भारत और यूएई ने 2032 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर सहमति बनी। ऊर्जा सहयोग के तहत यूएई हर साल भारत को 5 लाख मीट्रिक टन एलएनजी आपूर्ति करेगा। यूएई वर्तमान में भारत का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता है।
दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने, बड़े रिएक्टरों के साथ-साथ स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर विकसित करने पर सहमति जताई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्राथमिक क्षेत्र मानते हुए भारत में सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने और डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए यूएई निवेश करेगा।
अंतरिक्ष, निवेश और बुनियादी ढांचे पर फोकस
अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त मिशन, सैटेलाइट निर्माण और लॉन्च सुविधाओं पर सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया। गुजरात के धोलेरा में विशेष निवेश क्षेत्र के विकास पर भी समझौता हुआ, जहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, पोर्ट, स्मार्ट सिटी और ऊर्जा-रेल परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। खाद्य सुरक्षा समझौते से भारतीय किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई। साथ ही डेटा एम्बेसी की स्थापना की संभावना पर भी चर्चा हुई।
व्यापार और निवेश को नई रफ्तार
विदेश सचिव ने बताया कि भारत मार्ट, वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर और भारत-अफ्रीका एसईटीयू जैसी पहलों को गति देने पर सहमति बनी है। यूएई की प्रमुख कंपनियों डीपी वर्ल्ड और फर्स्ट अबू धाबी बैंक को गुजरात की गिफ्ट सिटी में संचालन की अनुमति दी गई है। दोनों देशों ने भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का भी फैसला किया।
द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और बीते एक दशक में रिश्तों में आई मजबूती को रेखांकित किया। हाल के वर्षों में यूएई के शीर्ष नेतृत्व के भारत दौरों को संबंधों में निरंतरता और भरोसे का संकेत बताया गया।
अबू धाबी में बनेगा ‘हाउस ऑफ इंडिया’
एक अहम सांस्कृतिक पहल के तहत अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ स्थापित करने का निर्णय लिया गया। यह आधुनिक संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र भारत की प्राचीन विरासत और भारत-यूएई साझेदारी का प्रतीक होगा। बैठक को रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाला कदम माना जा रहा है।
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