'नशे के कारोबार को समाप्त कीजिए', लुधियाना में अमित शाह ने भगवंत मान को घेरा

HIGHLIGHTS
- गृह मंत्री ने गुरदासपुर, संगरूर और मानसा के अपने दौरे का जिक्र किया।
- उन्होंने नशे के खिलाफ संघर्ष से जुड़े तीन लोगों के मामलों को उठाया।
- शाह ने बंदरगाहों पर 20 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़े जाने का उल्लेख किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार शाम विजयदशमी के अवसर पर लुधियाना पहुंचे। यहां उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा और पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर सवाल उठाए।
गृह मंत्री ने कहा कि बंदरगाहों पर 20 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी गई। उन्होंने सवाल किया कि क्या लोग चाहते हैं कि इसे पकड़ा न जाए। शाह ने भगवंत मान से पूछा कि पंजाब में ड्रग्स की पुड़िया बनकर कैसे पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार सुबह भगवंत मान अपना जन्मदिन मनाकर लौटे और एक जांच सीबीआई को सौंप दी। शाह ने पंजाब की जनता से वादा किया कि उन्हें जो मामला सौंपा गया है, उसमें जो भी आरोपी होगा, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे पाताल से भी ढूंढकर कानून के हवाले किया जाएगा।
'आज की विजयादशमी कभी नहीं भूल पाऊंगा'
अमित शाह ने कहा कि वह आज की विजयादशमी को अपने जीवन में कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने बताया कि वह गुरदासपुर, संगरूर और मानसा समेत पंजाब के तीन स्थानों पर गए हैं।
शाह ने कहा कि गुरदासपुर में 40 वर्षीय विक्रमजीत सिंह, संगरूर में गुलजार सिंह और मानसा में परविंदर सिंह झोटा को नशे के खिलाफ लड़ाई के कारण या तो अपनी जान गंवानी पड़ी या आत्महत्या करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से विधानसभा और लोकसभा के लिए चुने जाते रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री के रूप में उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में दुखद घटनाओं के बाद पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी है और उनका हौसला बढ़ाया है।
'पंजाब की स्थिति ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया'
गृह मंत्री ने कहा कि वह देश की जनता और विशेष रूप से पंजाब के लोगों को बताना चाहते हैं कि उन्होंने पहले कभी खुद को इतना दुखी महसूस नहीं किया। पंजाब के लोगों ने उन्हें वहां की जो स्थिति बताई, वह दिल्ली में रिपोर्टों के माध्यम से पढ़ी गई जानकारी से कहीं अधिक झकझोरने वाली है।
उन्होंने भगवंत मान सरकार से सवाल किया कि किसी ने अपना बेटा खोया है, किसी ने भाई और किसी ने पति। ऐसे परिवारों के सवालों का सरकार के पास क्या जवाब है? शाह ने कहा कि उन्होंने अब तक बहाने बनाने के अलावा कोई जवाब नहीं सुना है।
'नशे के कारोबार को समाप्त कीजिए'
अमित शाह ने कहा कि जब वह पहले पंजाब आए थे, तब भाजपा की नशा मुक्त पंजाब रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। उनका उद्देश्य नशे के कारोबार को खत्म करने की अपील करना था, लेकिन इसके उलट उन पर ही आरोप लगाए गए।
उन्होंने कहा कि इस बार वह दुखी परिवारों को सांत्वना देने आए थे और उनका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। इसके बावजूद उन्हें अपशब्द कहे गए और उनके नाम के साथ गाली-गलौज की गई।
शाह ने कहा कि उन्हें अपशब्द कहने से कुछ हासिल नहीं होगा। यदि ऐसा करने से किसी को संतुष्टि मिलती है तो वह ऐसा कर सकता है, लेकिन नशे के कारोबार और चिट्टे के धंधे को समाप्त करना जरूरी है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.