लखीमपुर खीरी में तेंदुए का आतंक, बच्ची की मौत पर धरना और आक्रोश

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। फुटहा फार्म इलाके में तेंदुए ने घर के सामने खेल रही सात वर्षीय बच्ची को अचानक दबोच लिया और उसे लेकर जंगल की ओर भाग गया। बाद में घर से लगभग 600 मीटर दूर गेहूं के खेत में बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
इस घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। गुरुवार को बच्ची के परिजन और स्थानीय लोग धरने पर बैठ गए और पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
पांच सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) उत्तर प्रदेश के बैनर तले विधानसभा अध्यक्ष जयमल सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में प्रशासन को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। इसमें जंगल से सटे इलाकों में मजबूत जालीदार फेंसिंग लगाने, जंगली जानवरों के हमले में मौत होने पर परिवार को 21 लाख रुपये मुआवजा देने और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है।
इसके अलावा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा आत्मरक्षा में जंगली जानवर को मारने पर किसी भी ग्रामीण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने की मांग भी उठाई गई।
18 घंटे बाद भी नहीं उठाया गया शव
घटना के करीब 18 घंटे बाद भी परिजन और सिख संगठनों के लोग मौके पर डटे रहे। प्रशासन के समझाने के प्रयासों के बावजूद परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
स्थिति को देखते हुए मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कीर्ति चौधरी, एसडीएम राजीव निगम, सीओ शिवम कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। सिंगाही, निघासन, तिकोनिया, पलिया, मझगईं, पढ़ुआ और धौरहरा थानों की पुलिस के साथ पीएसी बल भी तैनात किया गया।
घर के सामने से उठा ले गया तेंदुआ
फुटहा फार्म निवासी जोगा सिंह की सात वर्षीय बेटी सिमरन बुधवार शाम करीब सात बजे घर के पास मौजूद थी। तभी अचानक एक तेंदुआ घर के भीतर घुस आया और बच्ची को जबड़े में दबाकर भाग गया। परिजन और आसपास के लोग शोर मचाते हुए उसके पीछे दौड़े, लेकिन तब तक तेंदुआ बच्ची को लेकर काफी दूर निकल चुका था।
कुछ देर बाद गांव से करीब 600 मीटर दूर गेहूं के खेत में बच्ची का अधखाया शव मिला। इस घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना पहले भी वन विभाग को दी गई थी। बताया जा रहा है कि इससे पहले तेंदुआ दो पालतू कुत्तों और एक बछिया को भी अपना शिकार बना चुका है, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
घटना के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर पिंजरा लगवाया है। हालांकि ग्रामीणों में अभी भी दहशत और वन विभाग के प्रति नाराजगी बनी हुई है।
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