मंडी हत्याकांड: जयराम ठाकुर बोले- यह कानून व्यवस्था की विफलता

हिमाचल प्रदेश के सरकाघाट (जिला मंडी) में 19 वर्षीय छात्रा की हत्या के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस घटना पर राज्य सरकार को घेरते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान जयराम ठाकुर ने कहा कि कॉलेज जा रही एक छात्रा पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्होंने इसे प्रदेश में बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को उजागर करने वाली घटना है। जयराम ठाकुर ने बताया कि उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनकी पीड़ा को करीब से समझा। छात्रा के पिता, जो निजी वाहन चालक हैं, गहरे सदमे में हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुबह बेटी से बातचीत के कुछ ही घंटों बाद हत्या की सूचना मिलना परिवार के लिए असहनीय सदमा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन मामले की विस्तृत जांच जरूरी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह घटना अकेले व्यक्ति द्वारा की गई या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी है।
उन्होंने घटना को नशे की समस्या से भी जोड़ा और कहा कि आरोपी के नशे में होने की बात सामने आ रही है, जो प्रदेश में बढ़ते नशा संकट को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार द्वारा नशे के खिलाफ अभियान चलाने के बावजूद ऐसे मामले लगातार क्यों बढ़ रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में एनडीपीएस के 6200 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं और 66 मौतें नशे के ओवरडोज से हुई हैं। इसके साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद कोई स्पष्ट और संवेदनशील प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि खराब सड़क व्यवस्था के कारण छात्रा को पैदल लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, जिससे ऐसी घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। अंत में उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
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