गाजियाबाद में भीषण आग, 500 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख

HIGHLIGHTS
- इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे झुग्गी बस्ती में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
- देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 500 से ज्यादा झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं।
- आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि उन्हें दूर से भी देखा जा सकता था।
- स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने के बाद झुग्गियों में रखे रसोई गैस सिलिंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे पूरे इलाके में धमाकों की आवाज गूंजने लगी और लोगों में दहशत फैल गई।
- घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमक…
गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे झुग्गी बस्ती में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब 500 से ज्यादा झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं। आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि उन्हें दूर से भी देखा जा सकता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने के बाद झुग्गियों में रखे रसोई गैस सिलिंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे पूरे इलाके में धमाकों की आवाज गूंजने लगी और लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई गाड़ियों को लगाया गया है। दर्जनभर से अधिक वाटर टेंडर लगातार पानी की बौछार कर आग बुझाने में जुटे हुए हैं। आग बड़े इलाके में फैलने के कारण इसे पूरी तरह नियंत्रित करने में काफी समय लग सकता है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत पास में स्थित कबाड़ के गोदाम से हुई थी, जिसके बाद यह तेजी से आसपास की झुग्गियों तक फैल गई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
इस घटना में करीब छह बच्चों के लापता होने की बात सामने आई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मौके पर जिलाधिकारी, डीसीपी सिटी, एसीपी, सीएफओ और सीएमओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी दमकल कर्मियों के साथ मिलकर आग बुझाने में मदद की।
भीषण आग से सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं और उनकी झुग्गियों में रखा सामान भी जलकर राख हो गया। प्रशासन अब नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ आग लगने के कारणों की जांच में जुट गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.