मेरठ: मॉर्निंग वॉक के दौरान करोड़ों के घोटाले के गवाह रिटायर्ड कर्नल पर हमला, जांच शुरू

मेरठ के मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले से जुड़े मामलों के गवाह पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान 82 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल सुरेंद्र पाल सिंह पर दो नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए दो विशेष टीमें गठित की हैं।
मॉर्निंग वॉक के दौरान घात लगाकर हमला
गंगानगर थाना क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी के सी ब्लॉक निवासी कर्नल सुरेंद्र पाल सिंह रोज की तरह सुबह करीब छह बजे टहलने निकले थे। इसी दौरान ए ब्लॉक के पास सफेद कार में सवार दो बदमाशों ने उनका पीछा किया और उन्हें रोक लिया।
बताया गया कि एक हमलावर ने गमछे से उनकी गर्दन पकड़कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया, जबकि दूसरे ने हथौड़े से उन पर ताबड़तोड़ वार किए। पहले पैरों पर वार कर उन्हें भागने से रोका गया, जिसके बाद सिर और चेहरे पर हमला किया गया। वार के बाद हथौड़े का अगला हिस्सा टूट गया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से हथौड़े का डंडा और गमछा बरामद हुआ है।
घोटाले के मामलों में हैं अहम गवाह
कर्नल सुरेंद्र पाल सिंह ने पुलिस को बताया कि डिफेंस कॉलोनी की सैनिक सहकारी आवास समिति में हुए कथित करोड़ों रुपये के घोटाले से जुड़े कई मामलों में वह और राजेश त्यागी गवाह हैं। उनका आरोप है कि इस मामले में नामजद आरोपियों की ओर से उन्हें पहले भी धमकियां दी जा चुकी थीं, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी।
तीन लोगों पर नामजद आरोप
घटना के बाद घायल कर्नल स्वयं गंगानगर थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। मामले में तीन लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस की गंगानगर और क्राइम ब्रांच की टीमें जांच में जुटी हैं।
वर्षों से चल रहा है समिति विवाद
डिफेंस कॉलोनी की सैनिक सहकारी आवास समिति में बीते करीब पांच वर्षों से वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद चल रहा है। दस्तावेजों में गड़बड़ी, फर्जी बैठकों के जरिए खातों से रकम निकासी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
इस मामले में अब तक गंगानगर थाने में लगभग पांच मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पिछले दो वर्षों से समिति का संचालन अंतरिम व्यवस्था के तहत हो रहा था, जबकि मार्च 2026 में हुए चुनाव के बाद नई समिति का गठन किया गया है।
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