मेरठ: 16 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद गांव में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई

मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की जहर खाने से मौत के बाद हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शनिवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे और धाराओं में बढ़ोतरी की मांग को लेकर विरोध जताया।
गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के गांव पहुंचने की सूचना पर पुलिस ने सभी सीमाएं सील कर दीं। मीडिया कर्मियों और बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया। जिन पगडंडियों से मीडिया पहले पहुंचा था, वहां भी पुलिस बल तैनात किया गया।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए एक प्लाटून पीएसी गांव में तैनात किया गया है। सीओ मवाना पंकज लवानिया और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा घटनास्थल पर मौजूद रहे।
अतिरिक्त प्रभारी की नियुक्ति
घटना की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार को बहसूमा थाने का अतिरिक्त प्रभारी बनाया गया है ताकि कानून व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
घटना की पूरी जानकारी
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26 जनवरी को किशोरी के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई।
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अगले दिन उसने कीटनाशक पी लिया और उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
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इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मुख्य आरोपी अनुज सैनी को दुष्कर्म और POCSO एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उसके पिता ओमवीर को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मृतका के भाई की तहरीर पर अनुज और उसके परिवार के चार सदस्य नामजद आरोपी बनाए गए।
सपा नेताओं ने जताई संवेदना
सपा नेता किशोर वाल्मीकि और सरदार नरवैल सिंह खेतों के रास्ते गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
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