भारत मंडपम में मोरारी बापू की रामकथा का समापन, रामनाथ कोविंद ने दी बधाई

नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित पूज्य मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा का भव्य समापन हुआ, जिसका उद्देश्य विश्व शांति और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। कथा के अंतिम दिन इस कार्यक्रम में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए। उन्होंने इसे राष्ट्रीय चेतना को जगाने वाला महत्वपूर्ण आध्यात्मिक प्रयास बताया।
इस अवसर पर अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश मुनि ने मोरारी बापू के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह रामकथा विश्व शांति के संदेश को आमजन तक पहुंचाने का ऐतिहासिक प्रयास है। अहिंसा विश्व भारती संस्था के पदाधिकारी भी बापू का सम्मान कर आभार व्यक्त करते नजर आए।
समापन कथा में मोरारी बापू ने कहा कि श्रीराम का जीवन सनातन मूल्यों की जीवंत पाठशाला है। राम के चरित्र से सत्य, करुणा, मर्यादा और सामाजिक समरसता के आदर्श स्थापित होते हैं। बापू ने जोर देते हुए कहा कि रामकथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि इसे जीवन में उतारना ही असली प्रेरणा है।
पूरे नौ दिनों की कथा का मुख्य विषय मानस और सनातन धर्म रहा, जिसमें रामचरितमानस के माध्यम से आधुनिक समाज के लिए मार्गदर्शक मूल्यों पर प्रकाश डाला गया। कथा के समापन के बाद मोरारी बापू, रामनाथ कोविंद और आचार्य लोकेश मुनि ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आध्यात्मिक चेतना के बिना स्थायी शांति संभव नहीं।
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