जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर पंजाब भाजपा में असंतोष, डैमेज कंट्रोल में जुटा हाईकमान

HIGHLIGHTS
- होशियारपुर में 111 पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफे दिए।
- पुराने नेताओं ने नियुक्तियों में अनदेखी का आरोप लगाया।
- छह जिला अध्यक्षों को दो सप्ताह में बदलने से सवाल उठे।
पंजाब भाजपा में संगठनात्मक बदलाव के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर पुराने और वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी सामने आई है। स्थिति को देखते हुए दिल्ली ने मामले में सीधे हस्तक्षेप किया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को दिल्ली बुलाया गया है। उन्हें संगठन में बढ़ रहे असंतोष को जल्द नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय नेतृत्व की कोशिश है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला बड़े संगठनात्मक संकट में तब्दील न हो।
प्रदेश नेतृत्व को नाराज नेताओं के साथ संवाद बढ़ाने और सभी पक्षों को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति अपनाने को कहा गया है। ढिल्लों के पंजाब लौटने के बाद नाराज नेताओं से बातचीत शुरू होने की संभावना है।
होशियारपुर में 111 पदाधिकारियों ने दिए सामूहिक इस्तीफे
भाजपा अब इस्तीफा देने वाले नेताओं और पदाधिकारियों को दोबारा संगठन से जोड़ने की कोशिश कर रही है। होशियारपुर, लुधियाना, फरीदकोट, खन्ना, मुक्तसर और संगरूर में विरोध को शांत करना पार्टी की प्राथमिकता है। सुखमिंदर ग्रेवाल और मनिंदर सिंह के इस्तीफों के बाद नेतृत्व पर दबाव बढ़ा है। होशियारपुर में 111 पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया है।
पुराने नेताओं की नाराजगी बनी चुनौती
भाजपा नेतृत्व के लिए पुराने और टकसाली नेताओं की नाराजगी सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल है। इन नेताओं का आरोप है कि संगठनात्मक नियुक्तियों में उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है और नए चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हाईकमान अब वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लेने की कोशिश कर रहा है। उन्हें यह भरोसा दिलाने का प्रयास होगा कि पार्टी में उनकी भूमिका और सम्मान पहले की तरह बना रहेगा।
नियुक्तियों में बदलाव से बढ़ा असंतोष
संगठन में तेजी से किए गए बदलाव भी पार्टी के भीतर नाराजगी की वजह बने हैं। महज दो सप्ताह के दौरान छह जिला अध्यक्षों को बदलने के फैसले पर सवाल उठे हैं। अब संभावना है कि आगे होने वाली नियुक्तियों में ज्यादा व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
पार्टी की कोशिश होगी कि वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित हो, जिससे भविष्य में इस तरह के विवादों की स्थिति न बने।
पंजाब में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी: नायब सिंह सैनी
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों पर सोमवार को भाजपा ने स्थिति स्पष्ट कर दी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में कहा कि पंजाब में भाजपा का गठबंधन किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के साथ है।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी रोपड़ में कहा कि पार्टी राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि हाईकमान की ओर से गठबंधन को लेकर कोई संदेश नहीं आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल की हालिया मुलाकात के बाद दोनों दलों के दोबारा करीब आने की अटकलें तेज हुई थीं। इस पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं और वह किसी से भी मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ मुलाकात को भाजपा-अकाली गठबंधन से जोड़ना उचित नहीं है।
सैनी ने कहा कि भाजपा का गठबंधन पंजाब की जनता के साथ है और प्रदेश का विकास डबल इंजन सरकार से ही संभव है। वहीं, रोपड़ में तिरंगा यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में केवल सिंह ढिल्लों ने भी गठबंधन की संभावना को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। ढिल्लों ने कहा कि सुखबीर बादल ने प्रधानमंत्री से पंजाब के मुद्दों पर बातचीत की है और भाजपा पंजाब को तरक्की करते देखना चाहती है।
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